नई दिल्ली: ईवीएम को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग पहुंच गया है. विपक्ष के नेताओं ने मीटिंग के बाद चुनाव आयोग अधिकारियों से मुलाकात की और ईवीएम की सुरक्षा को लेकर मांग की. वहीं, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी ईवीएम का मुद्दा उठाया है. पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि ईवीएम की सुरक्षा चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है. चुनाव आयोग को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे सभी आशंकाओं पर विराम लग जाए. उन्होंने कहा कि हमारे लोकतंत्र में इस तरह की आशंकाओं के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए.

बता दें कि आज ईवीएम को लेकर विपक्ष के नेताओं की मीटिंग हुई. इसमें कांग्रेस से अहमद पटेल, अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद और अभिषेक मनु सिंघवी, माकपा से सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस से डेरेक ओब्रायन, तेदेपा से चंद्रबाबू नायडू, आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल, सपा से रामगोपाल यादव, बसपा से सतीश चंद्र मिश्रा एवं दानिश अली, द्रमुक से कनिमोई, राजद से मनोज झा, राकांपा से प्रफुल्ल पटेल एवं माजिद मेमन और कई अन्य पार्टियों के नेता शामिल हुए, इस मीटिंग के बाद ही विपक्ष के ये नेता चुनाव आयोग पहुंचे.

कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी ने चुनाव आयोग से मिलने के बाद कहा कि हम पिछले डेढ़ माह से ईवीएम का मुद्दा उठा रहे हैं. हम पूछते हैं कि आखिर चुनाव आयोग इसका कोई जवाब क्यों नहीं दे रहा है. 22 विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग से मांग की है कि ईवीएम से वीवीपैट की पर्चियों से मिलान किया जाए. ऐसा बिना चिन्हित किए ही अचानक लोकसभा सीट के पांच विधानसभा क्षेत्रों में किया जाए.

ईवीएम स्थानांतरण की शिकायतों पर प्रभावी कदम उठाए चुनाव आयोग
इससे पहले कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि देश के कई हिस्सों में स्ट्रांगरूम से ईवीएम स्थानांतरित किए जाने की शिकायतों पर चुनाव आयोग को तत्काल प्रभावी कदम उठाना चाहिए. पार्टी के नेता राजीव शुक्ला ने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित करना चुनाव आयोग का कर्तव्य है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष हो.

स्ट्रांग रूम से ईवीएम को ले जाने की शिकायतें आ रही
शुक्‍ला ने कहा, ‘जगह-जगह से ईवीएम स्थानांतरित किए जाने की शिकायतें आ रही हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब … कई जगहों पर स्ट्रांग रूम से ईवीएम को ले जाने की शिकायतें आ रही हैं. लोगों का संदेह बढ़ रहा है.’ शुक्ला ने कहा, ‘ चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव निष्पक्ष हों. आयोग को तत्काल प्रभावी कदम उठाना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि आज विपक्षी दलों के नेता चुनाव आयोग से मिलेंगे और यह मामला उठाएंगे.

ईवीएम एवं वीवीपैट के मुद्दे पर दिल्‍ली में 19 विपक्षी नेताओं की बैठक शुरू

चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पर विचार होना चाहिए
एग्जिट पोल के सवाल पर शुक्ला ने कहा कि यह मनोरंजन की तरह है और इसे पार्टी गंभीरता से नहीं ले रही. ये असल नतीजे नहीं हैं. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के चुनाव आयोग की तारीफ करने संबंधी बयान को लेकर शुक्ला ने कहा, ‘मुखर्जी ने तो यह भी कहा है कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पर विचार होना चाहिए. उनके इस बयान पर बात क्यों नहीं हो रही है?’

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