जमुई (बिहार): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकी शिविरों के खिलाफ सेना के अभियान के सबूत मांगने को लेकर मंगलवार को विपक्षी पार्टियों पर हमला बोला और कहा कि वे भारत की राजनीतिक पार्टियों से कहीं ज्यादा पाकिस्तान के प्रवक्ता के तौर पर नजर आती हैं. मोदी ने कहा कि मतदाताओं को फैसला कर लेना चाहिए कि क्या वे पाकिस्तान के उन मददगारों को सत्ता सौंपना चाहते हैं, जिन्होंने सबूत मांगकर सशस्त्र बलों के मनोबल को गिराया है. लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद बिहार में अपनी पहली रैली मोदी ने जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री पद को बहाल किए जाने संबंधी नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला के बयान पर भी निशाना साधा और कहा कि क्या किसी देश में एक से ज्यादा प्रधानमंत्री हो सकते हैं. उन्होंने कहा, ”मैं चाहूंगा कि कांग्रेस और राजद, जो महामिलावट गिरोह का हिस्सा हैं, इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करें.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जब-जब देश की सबसे पुरानी पार्टी और उसके सहयोगी सत्ता में आते हैं, तब-तब शासन उल्टी दिशा में चलने लगता है. मोदी ने आरोप लगाया कि बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की कांग्रेस की तरह किसी अन्य दल ने अनदेखी नहीं की. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके प्रतिद्वंद्वी यह झूठ फैला रहे हैं कि यदि भाजपा फिर से सत्ता में आई तो पिछड़े वर्गों का आरक्षण खत्म कर देगी. जमुई लोकसभा सीट से लोजपा उम्मीदवार चिराग पासवान के पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, जब कांग्रेस और इसके सहयोगी सत्ता में होते हैं तो शासन उल्टी दिशा में चलने लगता है. कांग्रेस जब सत्ता में होती है तो आतंकवाद, महंगाई, हिंसा, भ्रष्टाचार, कालाधन बढ़ जाता है, जबकि देश की समृद्धि, इसकी विश्वसनीयता, सशस्त्र बलों का मनोबल और ईमानदारी के प्रति आदर घट जाता है.

पुलवामा आतंकी हमले के बाद कुछ विपक्षी नेताओं के बयानों को लेकर जोरदार हमला करते हुए मोदी ने कहा, ”वे भारत की नुमाइंदगी करने वाली राजनीतिक पार्टियों से कहीं ज्यादा पाकिस्तान के प्रवक्ता के तौर पर नजर आती हैं. कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए मोदी ने कहा कि जब-जब देश की सबसे पुरानी पार्टी और उसके सहयोगी सत्ता में आते हैं, तब-तब शासन उल्टी दिशा में चलने लगता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में वृद्धि दर में गिरावट आती है और आतंकी गतिविधियों, हिंसा एवं काले धन में इजाफा हो जाता है.

जेपी के नाम की कसमें खाई थीं, अब कांग्रेस की गोद में
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की राजद जैसी पार्टियों पर परोक्ष हमला बोलते हुए मोदी ने कहा जिन्होंने जेपी (जयप्रकाश नारायण) के नाम की कसमें खाई थीं, वे अब कांग्रेस की गोद में बैठी हैं.

मोदी को तो छोड़ दें, कोई भी आरक्षण खत्म नहीं कर सकता
आरक्षण खत्म करने को लेकर राजद की ओर से लगाए जा रहे आरोप पर मोदी ने कहा, मोदी को तो छोड़ दें, कोई भी आरक्षण खत्म नहीं कर सकता. हमने सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है, लेकिन हमने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण को कमजोर किए बगैर ऐसा किया.

ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया
मोदी ने कहा कि चुनाव नजदीक देखकर उन्होंने दुष्प्रचार से आपको डराना शुरू कर दिया है कि मोदी आरक्षण खत्म कर देगा. तथ्य यह है कि हमने उनके पक्ष से खड़ी की गई बाधाओं के बावजूद ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया. पीएम ने कहा कि यह हम सबके लिए गर्व की बात है कि ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा मिलने के बाद उस संस्था का पहला अध्यक्ष भगवान दास सहनी बने जो बिहार के ही रहने वाले हैं.

कांग्रेस ने बाबासाहेब की अनदेखी की
जमुई लोकसभा सीट से लोजपा उम्मीदवार चिराग पासवान के पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की ऐसी अनदेखी की जैसी किसी भी पार्टी ने नहीं की. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने भारतीय संविधान के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले आंबेडकर को हराने के लिए सारे जतन किए.

भाजपा के प्रयासों से आंबेडकर को म‍िला भारतरत्‍न
प्रधानमंत्री ने कहा, कांग्रेस ने बाबासाहेब को हराने के लिए हरसंभव चीजें की. उसने लोगों के दिमाग से उनकी यादें खत्म करने की साजिश की. ‘परिवार’ को अपने सदस्यों को भारत रत्न से सम्मानित करना याद रहा, लेकिन वह आंबेडकर को भूल गया. उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रयासों के कारण ही आंबेडकर को उनके निधन के कई साल बाद देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल सका.

आंबेडकर से जुड़े पंच तीर्थ विकसित कर रही सरकार
मोदी ने यह भी कहा कि आंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों, जिनमें लंदन भी है, को उनकी सरकार पंच तीर्थ के तौर पर विकसित कर रही है.

मैं भी चौकीदार, गली-गली में चौकीदार
मोदी ने कहा कि राजद शासनकाल में बिहार गर्त में चला गया था. लेकिन नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी की टीम ने राज्य को गड्ढे से निकालने के लिए कई बड़े प्रयास किए हैं. अभी काफी कुछ करना बाकी है और इसके लिए आपका आशीर्वाद चाहिए. अपने संबोधन के अंत में मोदी ने लोगों से मैं भी चौकीदार, गली-गली में चौकीदार का नारा लगवाया.