हैदराबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला पर कश्मीर के लिए अलग प्रधानमंत्री की कथित रूप से वकालत करने वाली उनकी टिप्पणी को लेकर सोमवार को निशाना साधा. पीएम मोदी ने कांग्रेस और महागठबंधन की पार्टियों के नेताओं से कहा कि वे इस पर अपना रुख स्पष्ट करें. मोदी ने यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि अब्दुल्ला ने कहा है कि कश्मीर के लिए एक अलग प्रधानमंत्री होना चाहिए. दरअसल, भाजपा नेताओं के अनुच्छेद 370 खत्म करने का पक्ष लेने की पृष्ठभूमि में अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर में बरसों पहले अलग प्रधानमंत्री होने की बात का उल्लेख किया था. Also Read - बीजेपी सांसद ने की बंगाल को दो भागों में बांटने की मांग, कहा- जंगलमहल अलग राज्य बने

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उन्होंने सवाल किया, ‘‘हिंदुस्तान के लिए दो प्रधानमंत्री? क्या आप इससे सहमत हैं? कांग्रेस को जवाब देना होगा और महागठबंधन के सभी सहयोगियों को जवाब देना होगा. क्या कारण हैं और उन्हें ऐसा कहने की हिम्मत कैसे हुई.’’ मोदी ने कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और राकांपा प्रमुख शरद पवार से भी पूछना चाहते हैं कि क्या वे उमर अब्दुल्ला के बयान से सहमत हैं. Also Read - कोरोना महामारी के चलते लगातार दूसरी बार रद्द हुई अमरनाथ यात्रा, श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन होगी आरती

उन्होंने कहा, ‘‘मैं बंगाल दीदी पूछना चाहता हूं जो काफी शोर मचाती हैं, क्या आप इससे सहमत हैं? जनता को जवाब दीजिए. यूटर्न (चंद्रबाबू) बाबू से जिनके साथ हाल में फारुक अब्दुल्ला ने आंध्र प्रदेश में प्रचार किया था. क्या आप मानते हैं कि नायडू को वोट मिलने चाहिए?’’ मोदी ने कहा, ‘‘राकांपा के शरद पवार और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, जिनके पुत्र कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं, उन्हें भी जवाब देना चाहिए. क्या आप उनके (महागठबंधन) साथ जाना चाहेंगे क्या उनसे अलग होंगे?’’ दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को बांदीपुरा की एक सभा में जम्मू-कश्मीर के अलग संविधान संबंधी बयान दिया था.

अब्दुल्ला ने देश की आजादी के समय कश्मीर के विलय संबंधी इतिहास की पृष्ठभूमि में कहा, ‘बाकी रियासत बिना शर्त के देश में मिले, पर हमने कहा कि हमारी अपनी पहचान होगी, अपना संविधान होगा. हमने उस वक्त अपना सदर-ए-रियासत और वजीर-ए-आजम भी रखा था, इंशाअल्लाह उसको भी हम वापस लाएंगे.’ पीएम मोदी ने उमर अब्दुल्ला के इसी बयान के आधार पर कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है.

(इनपुट – एजेंसी)

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