नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंत्रिपरिषद तैयार हो गया है. गुरुवार शाम को राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री सहित कुल 58 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. इसमें 24 कैबिनेट और 9 स्वतंत्र प्रभार और 24 राज्य मंत्री हैं. पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की खूब चर्चा हो रही है. माना जा रहा है कि नई कैबिनेट में जयशंकर विदेश मंत्रालय संभालेंगे. कद्दावर नेता सुषमा स्वाराज के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने के कारण इस मंत्रालय के लिए किसी बड़े नाम की तलाश थी. लेकिन इस मंत्रिपरिषद की एक और दृष्टिकोण से समीक्षा की जा रही है. वो है जातीय और धार्मिक आधार. मोदी 2.0 कैबिनेट को बारीकी से देखें तो लगता है कि पीएम मोदी ने सबका साथ-सबका विकास के अपने नारे को इसमें भी साकार करने की कोशिश की है.

पीएम मोदी के नए मंत्रिपरिषद में अगड़ी जातियों से 32 मंत्री बनाए गए हैं, जबकि भाजपा के लिए बेहद अहम रहे अन्य पिछड़ा वर्ग से 13 मंत्री बनाए गए हैं. वैसे पीएम मोदी भी खुद इसी वर्ग से आते हैं. अगड़ी जातियों में से सबसे ज्यादा 9 मंत्री ब्राह्मण समुदाय से हैं. इसमें इस समुदाय का सबसे बड़ा चेहरा नितिन गडकरी हैं. ठाकुर समुदाय से तीन नेताओं को मंत्री बनाया गया है. इसमें राजनाथ सिंह, जोधपुर से सांसद गजेंद्र सिंह और मुरैना से नरेंद्र सिंह तोमर शामिल हैं. पीएम मोदी के अलावे ओबीसी समुदाय के दूसरे सबसे बड़ा चेहरा धर्मेंद्र प्रधान हैं.

मोदी सरकार में 24 कैबिनेट मंत्रियों ने ली शपथ, यहां देखें पूरी लिस्ट

इस मंत्रिपरिषद में अनुसूचित जाति से 6 और अनुसूचित जनजाति से 4 नेताओं को मंत्री बनाया गया है. इसमें से अधिकतर नेता ओडिशा और झारखंड से हैं. अनुसूचित जाति का सबसे बड़ा चेहरा रामविलास पासवान हैं तो अनुसूचित जनजाति से अर्जुन मुंडा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. सिख समुदाय से अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर और भाजपा के हरदीप सिंह पूरी को मौका मिला है. मुस्लिम समुदाय से एक मुख्तार अब्बास नकवी को मंत्री बनाया गया है.

पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश और बिहार में पार्टी की शानदार जीत और इस राज्यों में जातीय समीकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए अपना मंत्रिमंडल बनाया है. कैबिनेट में 9 ब्राह्मण चेहरों को शामिल कर पार्टी ने साफ तौर यह संदेश दिया है कि वह सवर्णों को नजरअंजाद नहीं करेगी. यूपी में ठाकुर समुदाय के योगी आदित्यनाथ को सीएम बनाने के बाद प्रदेशाध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडे को भी मंत्रिमंडल में जगह देकर यही संदेश दिया गया है. माना जाता है कि यूपी के सवर्ण समुदाय ने एकतरफा भाजपा को वोट किया है.

उधर, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर आदिवासी नेता अर्जुन मुंडा को मंत्रिमंडल में शामिल कर पीएम मोदी ने अगले साल राज्य में होने वाले चुनाव पर निशाना साधा है. राज्य में इस समय भाजपा की सरकार है लेकिन वहां का मुख्यमंत्री गैर आदिवासी है. इसी असंतुलन को साधने के लिए संभवतः अर्जुन मुंडा को मंत्रिमंडल में प्रमुखता से जगह दी गई है.