नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत नई सरकार के मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा संख्या में उत्तर प्रदेश के नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई. मंत्रिमंडल में इस राज्य से 10 सांसदों को शामिल किया गया है. इन 10 नेताओं में से वाराणसी के सांसद मोदी भी शामिल हैं. इसके बाद महाराष्ट्र के सात और बिहार के छह प्रतिनिधियों को नए मंत्रिमंडल में जगह मिली है.

नई मोदी सरकार में गुजरात, राजस्थान और हरियाणा से तीन-तीन प्रतिनिधियों को मंत्री बनाया गया है. वहीं पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश में दो-दो प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल में जगह मिली है. कर्नाटक से चार चेहरों को शामिल किया गया है. नई मंत्रिपरिषद में लगभग सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं. हालांकि, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा के किसी भी प्रतिनिधि को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है.

इस मंत्रिमंडल में अमेठी से नवनिर्वाचित सांसद 43 वर्षीय स्मृति ईरानी सबसे कम उम्र की मंत्री हैं. नए मंत्रिमंडल की औसत आयु साठ साल है जबकि मोदी सरकार के पिछले मंत्रिमंडल की औसत आयु 62 साल थी. इससे कहा जा सकता है कि नई सरकार अपेक्षाकृत युवा है. अनुराग सिंह ठाकुर 44 वर्ष, मनसुख मंडाविया और संजीव कुमार बालियान 46 साल के हैं और 47 साल के किरेन रिजिजू सबसे कम उम्र वाले मंत्रियों में शामिल हैं.

पहली बार मंत्री बने रामेश्वर तेली और देबाश्री चौधरी दोनों 48 -48 साल के हैं. भाजपा की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान 73 साल की आयु वाले सबसे बुजुर्ग मंत्री हैं. तकरीबन यही आयु थावर चंद गहलोत की है और संतोष कुमार गंगवार 71 साल के हैं.