घोसी (मऊ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज करते हुए गुरुवार को कहा कि वह काफी समय से दीदी का रवैया देख रहे हैं, जिसे अब पूरा देश देख रहा है और हमारी सरकार उसी जगह पर ईश्वरचंद्र विद्यासागर की पंचधातु से निर्मित प्रतिमा स्थापित कर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को जवाब देगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ दी. यह कृत्य जिन्होंने किया है उन्हें कठोरतम सजा दी जानी चाहिए. Also Read - Politics On CoronaVirus: पीएम मोदी पर जमकर बरसीं प्रियंका गांधी, पूछा-श्मसान घाटों की भीड़ नहीं दिख रही, देखें VIDEO

मोदी ने कहा प्रख्यात समाज सुधारक और बंगाल के नवजागरण काल की चर्चित हस्ती ईश्वरचंद्र विद्यासागर के दृष्टिकोण के प्रति समर्पित हमारी सरकार उसी जगह पर उनकी पंचधातु से निर्मित प्रतिमा स्थापित करेगी और तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को जवाब देगी. Also Read - सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के CEO अदार पूनावाला Covid-19 वैक्सीन के उत्पादन बढ़ाने को सरकार की वित्तीय मदद का किया स्वागत

मोदी ने कहा कि जिस तरह ममता बनर्जी उप्र, बिहार और पूर्वांचल के लोगों पर निशाना साध रही हैं, उससे लग रहा था कि मायावती कड़ी प्रतिक्रिया देंगी, लेकिन उन्हें तो केवल कुर्सी का खेल खेलना है. उन्हें लोगों की चिंता नहीं है. Also Read - Covid-19 पर सियासी जंग: केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने पूर्व पीएम मनमोहन पर किया पलटवार, पत्र ट्वीट कर कसा ये तंज

तीन तलाक के मुद्दे पर सपा बसपा गठबंधन को घेरते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने का बीड़ा भी हमारी सरकार ने उठाया लेकिन इन महामिलावटी लोगों ने मिलकर मुस्लिम बहन बेटियों को इंसाफ की राह में रोड़े अटकाए.

मोदी ने कहा, उत्तर प्रदेश में सपा बसपा के जमीन से कटे नेताओं ने जाति के आधार पर एक अवसरवादी गठबंधन किया लेकिन अपने कार्यकर्ताओं को भूल गए. यही वजह है कि ये कार्यकर्ता आज भी एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा एक महीने पहले तक ‘मोदी हटाओ’ का राग अलाप रहे महामिलावटी आज बौखलाए हुए हैं, क्योंकि देश ने उनकी पराजय पर मुहर लगा दी है और राज्य ने तो उनका पूरा गणित ही बिगाड़ दिया है. देश इन महामिलावटी लोगों की सच्चाई शुरू से ही जानता है कि मोदी को हटाना तो एक बहाना था, जिसकी आड़ में इन्हें अपने भ्रष्टाचार के पाप को छिपाना था.

प्रख्यात समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर के दृष्टिकोण के प्रति समर्पित उन्होंने कहा, बुआ हो या बबुआ हो, इन्होंने अपने आसपास पैसे की, वैभव की और अपने दरबारियों की दीवार खड़ी कर ली और खुद को गरीबों से इतना दूर कर लिया कि अब इन्हें गरीबों का दुःख नजर ही नहीं आता. मैं उन किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधी मदद दे रहा हूं, जिन्हें छोटे-छोटे खर्च के लिए भी कर्ज लेना पड़ता था.

प्रधानमंत्री ने कहा, 21वीं सदी में देश को एक पूर्ण बहुमत वाली सरकार चाहिए. मजबूत सरकार से ही एक विकसित भारत का सपना सच हो सकता है.