नई दिल्ली. भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के ब्लॉग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि आडवाणीजी ने सही अर्थों में भाजपा के सार को स्पष्ट किया है. यह ‘राष्ट्र प्रथम, फिर पार्टी और अंत में स्वयं’ के मंत्र पर चलती है. मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘भाजपा कार्यकर्ता होने पर गौरवान्वित हूं और एलके आडवाणी जी जैसे महान लोगों पर गर्व है जिन्होंने पार्टी को मजबूत बनाया.’’ उन्होंने कहा कि आडवाणीजी ने सही अर्थों में भाजपा के सार को प्रस्तुत किया है जो ‘राष्ट्र प्रथम, फिर पार्टी और अंत में स्वयं’ के मंत्र पर चलती है.

लालकृष्ण आडवाणी ने भाजपा स्थापना दिवस पर तोड़ी चुप्पी, कहा- राजनीतिक असहमति 'राष्ट्र विरोध' नहीं

लालकृष्ण आडवाणी ने भाजपा स्थापना दिवस पर तोड़ी चुप्पी, कहा- राजनीतिक असहमति 'राष्ट्र विरोध' नहीं

गौरतलब है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लम्बे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी ने राजनीतिक रूप से असहमत होने वालों को कभी ‘‘राष्ट्र विरोधी’’ नहीं माना है. सरकार का विरोध करने वाले राजनीतिक स्वरों को ‘राष्ट्र विरोधी’ करार देने के चलन को लेकर छिड़ी बहस के बीच भाजपा के इस वरिष्ठ नेता की यह टिप्पणी काफी महत्व रखती है. ‘नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट, सेल्फ लास्ट (राष्ट्र प्रथम, फिर पार्टी, स्वयं अंत में)’’ शीर्षक से अपने ब्लॉग में आडवाणी ने कहा, ‘‘भारतीय लोकतंत्र का सार विविधता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए सम्मान है. अपनी स्थापना के समय से ही भाजपा ने राजनीतिक रूप से असहमत होने वालों को कभी ‘दुश्मन’ नहीं माना बल्कि प्रतिद्वन्द्वी ही माना.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसी प्रकार से राष्ट्रवाद की हमारी धारणा में हमने राजनीतिक रूप से असहमत होने वालों को ‘राष्ट्र विरोधी’ नहीं माना. पार्टी (भाजपा) व्यक्तिगत एवं राजनीतिक स्तर पर प्रत्येक नागरिक की पसंद की स्वतंत्रता को प्रतिबद्ध रही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘संक्षेप में पार्टी के भीतर और बाहर सत्य, निष्ठा और लोकतंत्र के तीन स्तम्भ संघर्ष से मेरी पार्टी के उद्भव के मार्गदर्शक रहे हैं.’’