नई दिल्‍ली: लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच चुनावी जंग के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शप‍थ ग्रहण समारोह में शामिल होने दिल्‍ली आएंगी. ममता बनर्जी ने कहा, ”मैंने कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों से भी बात की और इसमें शिरकत करने का फैसला किया. बता दें कि मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर दूसरे कार्यकाल के लिए 30 मई को शपथ लेंगे. राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 30 मई को शाम 7 बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे.

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, मैंने दूसरे मुख्‍यमंत्रियों को भी बात की है. चूंकि ये एक सेरेमोनियल (औपचारिक) प्रोग्राम है, हमने इसमें शामिल होने के लिए सोचा है. हां मैं जाऊंगी. उन्‍होंने राज्य सचिवालय में मीडियाकर्मियों से बातचीत में ममता ने कहा कि शपथ-ग्रहण समारोह के लिए मंगलवार को न्योता आया और वह संवैधानिक शिष्टाचार के नाते इसमें शिरकत करेंगी.

 कुछ सेरेमोनियल कार्यक्रम होते हैं
ममता ने कहा, संविधान के तहत कुछ औपचारिक (सेरेमोनियल) कार्यक्रम होते हैं. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के शपथ-ग्रहण समारोहों के लिए आमंत्रण मिलने पर हम ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की कोशिश करते हैं.

बता दें कि लोकसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में दोनों पाटियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच कई हिंसक घटनाएं सामने आई थीं. पार्टियों के कार्यकर्ताओं की कई हत्‍याएं भी हुईं थी. इस सब के चलते माना जा रहा था कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पीएम के शपथ ग्रहण समारोह से दूरी बनाए रख सकती हैं.

बिम्सटेक देश के नेताओं को आमंत्रण दिया
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बिम्सटेक देश के नेताओं को आमंत्रण सरकार की पड़ोसी प्रथम नीति के तहत दिया गया है. मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वर्तमान अध्यक्ष एवं किर्गिस्तान के राष्ट्रपति तथा मारीशस के प्रधानमंत्री को भी शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है.

नेहरू-इंदिरा के बाद पूर्ण बहुमत की दूसरी बार मोदी सरकार
बता दें मोदी भाजपा के ऐसे पहले नेता हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री के रूप में पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद लगातार दूसरी बार इस शीर्ष पद के लिए चुना गया है. साथ ही जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद मोदी पूर्ण बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता में पहुंचने वाले तीसरे प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. 2014 में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में दक्षेस देशों के शासनाध्यक्षों को आमंत्रित किया गया था. इसमें तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर नवाज शरीफ शामिल हुए थे.