प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके संभावित मंत्रिपरिषद के सदस्य आज शाम 7 बजे राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण करेंगे. इससे पहले संभावित मंत्रियों के नाम और सहयोगी दलों को कितने मंत्रालय मिलेंगे, इसको लेकर कयासबाजी तेज हो गई है. संभावित मंत्रियों के नामों को फाइनल करने के लिए पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की पिछते तीन दिनों में कई दौर की मैराथन बैठक हो चुकी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी मंत्रिमंडल में 60 मंत्री हो सकते हैं. यह भी माना जा रहा है कि मोदी के मौजूदा कैबिनेट के अहम मंत्रियों को फिर से मौका मिलना तय है. लोकसभा में अपने दम पर बहुमत हासिल करने के बावजूद पीएम मोदी ने गठबंधन धर्म का पालन करने की बात कही है. ऐसे में सहयोगी दलों को मौका मिलना तय है.

इन्हें मिलेगा कैबिनेट मंत्रालय
ऐसी रिपोर्ट है कि पीएम मोदी और शाह ने सहयोगी दलों के लिए मोटे तौर पर एक फॉर्मूल बनाया है. इसके तहत 10 सांसदों वाली पार्टी को एक कैबिनेट मंत्रालय दिया जा सकता है. इस फॉर्मूले के हिसाब से ही एनडीए से सबसे बड़ी सहयोगी शिवसेना और उसके बाद जदयू को एक कैबिनेट और एक राज्यमंत्री का पद मिल सकता है. लेकिन लोक जन शक्ति पार्टी के लिए मोदी बड़ा दिल दिखा सकते हैं. पार्टी के नेता रामविलास पासवान को इस बार भी मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्रालय मिल सकता है. लोकसभा में लोजपा के केवल 6 सांसद हैं.

Lok Janshakti Party president Ram Vilas Paswan. Photo Courtesy: IANS

रामविलास पासवान.

इस सरकार में एनडीए के अन्य सहयोगी अपना दल की अनुप्रिया पटेल, आरपीआई के रामदास अठावले को फिर से मंत्री बनाया जा सकता है. दूसरी तरफ शिरोमणि अकाली दल से इस बार सुखबीर सिंह बादल को मंत्रिपरिषद का सदस्य बनाया जा सकता है. बुधवार को पीएम मोदी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ लंबी बैठक की और अपनी सरकार के गठन को अंतिम रूप दिया.

वित्त मंत्री अरुण जेटली के स्वास्थ्य आधार पर मंत्री नहीं बनने के फैसले के बाद अटकलें लगायी जा रही हैं कि जेटली के स्थान पर किन्हें यह महत्वपूर्ण विभाग मिलेगा. इस पद के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल को प्रमुख दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है. ऐसी चर्चा भी है कि शाह जो गांधीनगर से लोकसभा के लिए चुने गए हैं, सरकार में शामिल हो सकते हैं. अगर वह मोदी कैबिनेट में शामिल होते हैं, तो उन्हें चार प्रमुख विभागों वित्त, गृह, रक्षा या विदेश में से कोई एक मिल सकता है.

मोदी 2.0: ऐसी होगी PMO की ब्यूरोक्रेसी, अजित डोभाल को मिल सकती है ये जिम्मेवारी

स्मृति ईरानी को बड़ी जिम्मेवारी संभव
भाजपा ने सरकार के संभावित सदस्यों के बारे में कोई भी आधिकारिक बयान देने से परहेज किया है और पार्टी नेताओं ने जोर दिया कि यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है. अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराने वाली स्मृति ईरानी, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रकाश जावड़ेकर, रविशंकर प्रसाद, धर्मेंद्र प्रधान जैसे वरिष्ठ नेताओं के दूसरी मोदी सरकार में शामिल होने की संभावना है.

सिंह ने भी बुधवार को मोदी से मुलाकात की. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के कुछ अधिकारियों ने भी बुधवार को शाह से उनके आवास पर मुलाकात की. प्रधानमंत्री ने शाह के साथ मंगलवार को भी लंबी बैठक की थी. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने स्वास्थ्य आधार पर लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन पार्टी के भीतर एक राय है कि वह भी नए मंत्रिमंडल का हिस्सा होंगी. संभावना है कि करीब 60 मंत्री शपथ ले सकते हैं.

पार्टी के कुछ नेताओं का मानना ​​है कि संगठन के कुछ नेताओं को भी मंत्री बनाया जा सकता है. अगर शाह सरकार में शामिल होते हैं, तो जे पी नड्डा और भूपेंद्र यादव को पार्टी अध्यक्ष के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. भाजपा के सहयोगी दलों जैसे शिवसेना, जनता दल (यू), अन्नाद्रमुक, लोजपा, अकाली दल और अपना दल का भी सरकार में प्रतिनिधित्व होना तय है.