नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के तीन चरणों के बाद अब सियासी शतरंज की बिसात हिंदी-हृदय प्रदेश में बिछने लगी है. हालांकि अभी चुनाव के चार चरण बचे हैं, लेकिन यूपी के पूर्वांचल इलाके में गुरुवार यानी 25 अप्रैल से राजनीति गर्माने के संकेत मिलने लगे हैं. यह इसलिए है क्योंकि गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचने वाले हैं. पीएम आज यहां रोड शो करेंगे और शुक्रवार को नामांकन पर्चा दाखिल करेंगे. ऐसे में जबकि पीएम मोदी के खिलाफ कांग्रेस की तरफ से पार्टी की नवनियुक्त महासचिव प्रियंका गांधी को मैदान में उतारे जाने की खबरें चर्चा में है, गुरुवार का दिन पूर्वांचल की सियासी लड़ाई को और धार देने वाला साबित होगा.

पीएम मोदी गुरुवार को वाराणसी में सिर्फ रोड शो ही नहीं करेंगे, बल्कि वह गंगा ‘आरती’ में भी भाग लेंगे. प्रधानमंत्री द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के समय राजग के घटक दलों के बड़े नेताओं के शामिल रहने की सूचना है. इनमें शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष नीतीश कुमार, कई केंद्रीय मंत्री समेत भाजपा और अन्य सहयोगी दलों के नेता शामिल हैं. पीएम के अभी उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री सबसे पहले बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के संस्थापक मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे. इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे के बाद रोड शो शुरू होगा. रोड शो शाम सात बजे वाराणसी के घाटों में सबसे प्रमुख दशाश्वमेघ घाट पर समाप्त होगा, जहां मोदी शाम की गंगा आरती में हिस्सा लेंगे.

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा पूर्वी यूपी के प्रभारी के रूप में प्रियंका गांधी को उतारे जाने के बाद, बिहार से सटे उत्तर प्रदेश के इस पूरे इलाके का चुनाव रोचक हो गया है. खासकर जबसे प्रियंका गांधी के पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने की खबरें आई हैं, इसके बाद तो सियासी विशेषज्ञों की निगाह पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पर ज्यादा टिक गई है. क्योंकि वाराणसी इस इलाके का प्रमुख केंद्र है और यहां की राजनीति पूरे इलाके पर गहरा असर छोड़ती है. यही वजह है कि पीएम मोदी के रोड शो या उनके नामांकन दाखिल करने के दौरान एनडीए का पूरा कुनबा अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने के प्रयास में है.

भाजपा के नेताओं ने कहा कि पीएम मोदी के नामांकन पर्चा दाखिल करने के समय इसीलिए एनडीए के कई बड़े घटक दलों के आला नेताओं को बुलाया गया है. वहीं, पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से भी इस दौरान मौजूद रहने को कहा गया है. इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले सहयोगियों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, शिरोमणि अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल, लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल हैं. वहीं, भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, पीयूष गोयल, जेपी नड्डा और नितिन गडकरी के भी शामिल होने की संभावना है. आपको बता दें कि पीएम मोदी ने 2014 में वाराणसी सीट पर आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल के खिलाफ तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की थी.