कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने वाराणसी से पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में नहीं उतरने के कारणों का खुलासा कर दिया है. इस प्रतिष्ठित सीट से कांग्रेस की ओर से अजय राय को टिकट दिए जाने की घोषणा के वक्त तक ऐसी रिपोर्ट चल रही थी कि वहां से प्रियंका गांधी मोदी को चुनौती दे सकती हैं.

वाराणसी के रण में नहीं उतरने को लेकर प्रियंका से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं और साथियों के साथ मशविरा के बाद लिया गया. उन्हें यह महसूस हुआ कि उनको पूर्वी उत्तर प्रदेश की 41 सीटों की जिम्मेवादी दी गई है. उन्होंने कहा कि वह अगर वाराणसी से चुनाव मैदान में उतरतीं तो वह अन्य सीटों पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पातीं. ऐसा होने पर अन्य उम्मीदवार निराश हो जाते.

गौरतलब है कि इस साल फरवरी में प्रियंका गांधी को आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में एंट्री दी गई. उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश की 41 सीटों की जिम्मेवारी दी गई. उनके साथ ही पश्चिमी यूपी की 39 सीटों की जिम्मेवारी ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिया गया.