नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के भीतर घमासान शुरू हो गया है. खुद पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं- राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की आलोचना करते हुए कहा कि इन्होंने पार्टी हित से ऊपर अपने बेटों को रखा. गौरतलब है कि इन तीनों नेताओं के बेटों ने लोकसभा चुनाव लड़ा था. इसमें से कमलानाथ के बेटे मुकुलनाथ छिंदवाड़ा से चुनाव जीते हैं जबकि अशोक गहलोत के बेटे जोधपुर से हार गए. चिदंबरम के बेटे कार्ति तमिलनाडु के शिवगंगा से चुनाव जीते हैं. राहुल ने कहा कि वे इन्हें टिकट देने पक्ष में नहीं थे.

शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल ने यह बात उस वक्त कही जब वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पार्टी को निचले स्तर पर मजबूत नेता पैदा करने की जरूरत है. राहुल ने यह भी कहा कि पार्टी नेता चुनाव प्रचार के दौरान मोदी और एनडीए के खिलाफ अपनी बात नहीं पहुंचा पाए.

इस दौरान करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने बैठक में इस्तीफे की पेशकश कर दी, लेकिन सदस्यों ने सर्वसम्मति इसे ठुकरा दिया और प्रतिकूल परिस्थिति में उनसे पार्टी का नेतृत्व करते रहने का आग्रह किया. साथ ही सीडब्ल्यूसी की बैठक में गांधी को पार्टी संगठन में हर स्तर पर आमूलचूल परिवर्तन के लिए अधिकृत किया गया. कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में लोकसभा चुनाव में करारी हार के कारणों पर मंथन किया गया और एक प्रस्ताव पारित किया गया. बैठक में शामिल एक नेता ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम भावुक हो गए और यहां तक कह दिया कि अगर राहुल गांधी अध्यक्ष पद छोड़ते हैं तो दक्षिण भारत में लोग भावना में आकर कुछ भी कदम उठा सकते हैं.

सूत्रों के मुताबिक बैठक में राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव की हार की जिम्मेदारी ली और कहा कि वह अध्यक्ष पद पर बने नहीं रहना चाहते हैं, लेकिन पार्टी एवं इसकी विचारधारा के लिए काम करते रहेंगे. सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, प्रियंका गांधी तथा पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें रोका. इस दौरान कुछ नेता भावुक भी हो गए. बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संवादाताओं से कहा, ‘राहुल गांधी जी ने इस्तीफे की पेशकश की. सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से उनकी पेशकश को खारिज किया और आग्रह किया कि आपके नेतृत्व की जरूरत है और आगे भी रहेगी.’

उन्होंने कहा, ‘अगर कोई नेता राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की भूमिका निभा सकता है तो वह राहुल गांधी हैं.’ पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने कहा, “पार्टी का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा. पार्टी इस पर विचार करेगी. हम तत्काल किसी निष्कर्ष नहीं पहुंच सकते कि क्यों हारे? इस पर विस्तृत चर्चा होगी.’ सीडब्ल्यूसी की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है, ‘कांग्रेस कार्यसमिति 12.13 करोड़ साहसी व सजग मतदाताओं को धन्यवाद देती है, जिन्होंने कांग्रेस पार्टी में अपना विश्वास व्यक्त किया. कांग्रेस पार्टी एक जिम्मेदार व सकारात्मक विपक्ष के रूप में अपना कर्तव्य निभाएगी और देशवासियों की समस्याओं को सामने रख, उनके प्रति सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी.’
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में कई नेताओं ने राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश को खारिज किया और कुछ भावुक भी हो गए.

(इनपुट-भाषा)