नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से कहा कि उन्होंने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है और इसके साथ ही उन्होंने आयोग से शिकायतों का निपटारा करते वक्त निष्पक्ष रहने और भेदभाव व मनमाने रवैये से दूर रहने के लिए कहा.

चुनाव आयोग ने 1 मई को राहुल को मध्यप्रदेश के शहडोल में 23 अप्रैल को दिए भाषण के लिए कारण-बताओ नोटिस जारी किया था जिसमें उन्होंने कथित रूप से कहा था कि भाजपा सरकार ने एक नया नियम बनाया है जिसके अंतर्गत जनजातीय लोगों को गोली मारी जा सकती है. राहुल ने इसकी प्रतिक्रिया में शुक्रवार को चुनाव आयोग से कहा कि हिंदी में उनके कहे शब्द ‘राजनीतिक भाषण के प्रवाह’ में कहे गए थे और उनका इरादा ‘भ्रामक या गलत तथ्य’ फैलाना नहीं था.

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उन्होंने दावा करते हुए कहा कि उनके भाषण के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हुआ है और वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों व कार्यक्रमों की आलोचना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि उनका बयान भाजपा की ‘जनजातीय विरोधी नीति’ की आलोचना को लेकर राजनीतिक भाषण का एक भाग था.

राहुल ने इसके साथ ही चुनाव आयोग से उनके खिलाफ शिकायत को खारिज करने और कोई कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया. उन्होंने भाजपा पर उनके खिलाफ शिकायत करके लोकसभा चुनाव से उनका ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया क्योंकि वह अपनी पार्टी के स्टार प्रचारक हैं.

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