नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफा देने पर अड़े रहने और कई प्रदेश अध्यक्षों के इस्तीफे की पेशकश करने की वजह से सोमवार को पार्टी में अंदरूनी उठापटक तेज हो गई. हालांकि पार्टी का कहना है कि इस बारे में लगाई जा रही तमाम अटकलें बेबुनियाद हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं केसी वेणुगोपाल और अहमद पटेल ने गांधी से मुलाकात की.

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के मद्देनजर पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़, झारखंड इकाई के अजय कुमार और असम इकाई के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने इस्तीफे की पेशकश की है. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं और कहा जा रहा है कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को यह अवगत करा दिया है कि अब नया अध्यक्ष चुनने का समय आ गया है. इस बीच ऐसी भी रिपोर्ट आ रही है कि पार्टी कोई बीच का रास्ता निकाले. इसके लिए कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष के पद का प्रावधान किया जा सकता है. इससे राहुल गांधी के पास अध्यक्ष के रूप में मौजूद जिम्मेवारियों को कम किया जा सकेगा और वह संगठन को मजबूत बनाने पर ज्यादा समय दे पाएंगे.

अहमद पटेल ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मैंने सीडब्ल्यूसी की बैठक से पहले कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात का समय मांगा था ताकि रोजमर्रा के प्रशासनिक कामों पर चर्चा की जा सके. आज की मुलाकात उसी संदर्भ में थी. दूसरी सभी अटकलें गलत और बेबुनियाद हैं.’’

उधर, चुनावी हार का असर कर्नाटक में भी दिख रहा है जहां कांग्रेस जद(एस) के साथ मिलकर गठबंधन सरकार चला रही है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के खराब चुनावी प्रदर्शन से पार्टी के कई विधायक नाखुश हैं. दो विधायकों के भाजपा नेताओं से मुलाकात की भी खबर है. राजस्थान में भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने के बाद राज्य सरकार के कई मंत्रियों एवं विधायकों ने जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की मांग की है.

राहुल गांधी के इस्तीफे पर अड़े होने की खबरों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता पटेल एवं वेणुगोपाल ने उनसे मुलाकात की. इससे पहले पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान जारी कर मीडिया एवं अन्य लोगों का आह्वान किया कि वे सीडब्ल्यूसी की बैठक की शुचिता बनाएं रखें और अफवाहों से बचें. उधर, गांधी से मुलाकात के बाद वेणुगोपाल राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी मिले. गौरतलब है कि 25 मई को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी, हालांकि सीडब्ल्यूसी ने उनकी पेशकश को खारिज किया और उन्हें संगठन में सभी स्तर पर आमूलचूल बदलाव के लिए अधिकृत किया.

(इनपुट-भाषा)