जयपुर: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी पहुंचे और सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता एवं उसके परिजन से मुलाकात की. राहुल गांधी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को ‘बर्दाश्त’ नहीं किया जाएगा और पीड़िता को जल्द न्याय मिलेगा. राहुल सुबह हेलि‍कॉप्टर से अलवर और वहां से थानागाजी पहुंचे. वह लगभग 15 मिनट तक पीड़िता और उसके परिवार के साथ रहे और शीघ्र न्याय का आश्वासन दिया. बाद में राहुल ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, मैं केवल एक संदेश देना चाहता हूं कि ऐसी चीजों को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. जल्द से जल्द पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिलेगा. राहुल के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी थे.

राहुल ने इस मामले को राजनीतिक रंग दिए जाने के सवाल पर कहा, जैसे ही मैंने यह बात सुनी, मैं यहां आना चाहता था. मेरे लिए यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है, मेरे लिए यह भावनात्मक बात है. एक लड़की के साथ गलत हुआ है. केवल राजस्थान या अलवर ही नहीं, हिंदुस्तान में हमें यही संदेश देना है कि जो हमारी बहनें हैं, माताएं हैं उनके साथ ऐसा बर्ताव कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

राहुल ने कहा, पीड़िता को न्याय मिलेगा और जो भी जिम्मेदार व्यक्ति हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. मोदी द्वारा अपनी रैलियों में इस मुद्दे को बार-बार उठाए जाने के सवाल पर राहुल ने कहा, मैं यहां राजनीति करने नहीं आया हूं, मैं यहां एक परिवार से, एक लड़की से मिलने आया हूं. जो उन्होंने मुझसे कहा है, दिल से कहा है. मैं उस पर एक्शन लूंगा.

बता दें अलवर जिले के थानागाजी थाना क्षेत्र में 26 अप्रैल को अपने पति के साथ मोटरसाइकिल पर जा रही एक दलित महिला से 6 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म कर उसका वीडियो बनाया. मामला दर्ज होने में देरी को लेकर पुलिस और राज्य सरकार की काफी आलोचना हो रही है. पुलिस दुष्कर्म के पांच आरोपियों और वीडियो को सोशल मीडिया पर डालने वाले एक आरोपी को पहले गिरफ्तार कर चुकी है.

मुख्यमंत्री गहलोत ने भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी पर इस मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा, प्रधानमंत्री जिस प्रकार से असत्य बोलते हैं इससे बड़ा देश का दुर्भाग्य क्या होगा? गहलोत ने कहा, राहुल जी की सोच स्पष्ट है जो उन्होंने सभी को बताई है कि हमारी कोई राजनीति करने की मंशा नहीं है, हमने कार्रवाई की है और सात दिन में हम लोग चालान पेश कर देंगे. राज्य सरकार ने पीड़िता को सरकारी नौकरी देने और अलवर जिले में दो पुलिस अधीक्षक लगाने सहित कई और फैसले भी किए हैं.