नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर कर राफेल फैसले पर अपनी टिप्पणियों के लिए खेद जताया. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के जोश में टिप्पणी की थी जिसका राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने दुरुपयोग किया. बता दें कि राफेल सौदे के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की एक विवादित टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी द्वारा उनके खिलाफ दायर अवमानना याचिका दायर की गई थी. Also Read - राहुल गांधी सुबह साढ़े 4 बजे मछली पकड़ने समुद्र में गए, कहा- मछुआरों के काम का करते हैं सम्मान, इनके लिए...

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को निर्देश दिया था कि वह ‘चौकीदार नरेंद्र मोदी चोर हैं’ संबंधी अपनी टिप्पणी को राफेल मामले में अदालत के फैसले से ‘गलत तरह से’ जोड़ने पर 22 अप्रैल तक स्पष्टीकरण देने को कहा था. शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह गांधी के खिलाफ दाखिल आपराधिक अवमानना याचिका पर विचार करेगी. Also Read - Mafia Mukhtar Ansari को UP लाने पर जोरदार तकरार, मुकुल रोहतगी ने कहा-उसे CM ही बना दो

मीनाक्षी लेखी ने ये कहा था
शीर्ष अदालत ने भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी की याचिका पर निर्देश दिया जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है. लेखी ने दावा किया कि राहुल गांधी ने कुछ टिप्पणियां गलत तरीके से उच्चतम न्यायालय से जोड़ दीं जो 10 अप्रैल को राफेल पर उच्चतम न्यायालय के फैसले में नहीं थीं. अदालत ने कहा कि वह आपराधिक अवमानना याचिका पर विचार करेगी. अदालत ने यह साफ किया कि गांधी द्वारा सार्वजनिक रूप से की गयी टिप्पणियों को गलत तरीके से इस अदालत से जोड़ा गया है. Also Read - UPSC Exam: UPSC की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को झटका, नहीं मिलेगा अतिरिक्त मौका

अदालत ने ये कहा था
मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 अप्रैल की तारीख तय करते हुए अदालत ने यह भी कहा था कि नेताओं को अपने भाषणों में किसी निष्कर्ष या विचार को अदालत से नहीं जोड़ना चाहिए. उच्चतम न्यायालय के इस निर्देश पर कांग्रेस ने कहा कि वह न्यायालय को सफाई देगी जबकि भाजपा ने कहा कि शीर्ष अदालत ने गांधी के ‘‘झूठ’’ का पर्दाफाश कर दिया है.