नई दिल्लीः कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि इसके अध्यक्ष राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट को दिए ‘स्पष्टीकरण’ में कहा है कि उनकी मंशा शीर्ष अदालत के निष्कर्षो के साथ ‘चौकीदार चोर है’ के नारे को जोड़ने की कभी नहीं रही. पार्टी भविष्य में इस नारे का प्रयोग करती रहेगी. कांग्रेस का यह बयान राफेल फैसले की चर्चा के क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर ‘चौकीदार चोर है’ की उनकी टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की ओर से आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी होने के कुछ घंटो बाद आया. शीर्ष अदालत ने कहा है कि ‘इसे गलत तरीके से उसका फैसला’ बताया गया.

शीर्ष अदालत ने कहा कि भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी की ओर से दायर आपराधिक अवमानना नोटिस पर वह 30 अप्रैल को सुनवाई करेगी. कांग्रेस प्रवक्ता और गांधी की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने गांधी से कहा कि वह मामले में स्पष्टीकरण दें. उन्होंने कहा कि सोमवार को दिए गए विस्तृत स्पष्टीकरण में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि गांधी, कांग्रेस और अन्य दल पिछले करीब 18 महीने से प्रचार चला रहे हैं जिसमें वह कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी, कुछ केंद्रीय मंत्री और अन्य की राफेल ‘घोटाले’ में मिलीभगत है.

अदालत में गांधी के जवाब का हवाला देते हुए सिंघवी ने कहा, ‘इस संदर्भ में हमने राजनीतिक नारा ‘चौकीदार चोर है’ सूत्रबद्ध किया और बार-बार उसका प्रयोग किया जिसे हमने किया, हम करते रहेंगे और उस पर निर्भर रहेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘हमारी मंशा कभी इस नारे को सुप्रीम कोर्ट के निष्कर्षों से कभी जोड़ने का नहीं रही.’ सिंघवी ने कहा कि उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि मामले को बंद कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि भाजपा इसका राजनीतिकरण कर रही है और अदालत का इस्तेमाल राजनीतिकरण के लिए कर रही है.