
नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों का प्रचार अभियान जोरों पर है. इधर, चुनाव आयोग भी मतदाता जागरूकता के लिए अपने स्तर से अभियान छेड़े हुए है. चुनाव आयोग ने 2 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी दूरी तय करने वाली 4 ट्रेनों के जरिए वोटर जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है. आयोग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, केरल एक्सप्रेस, हिमसागर एक्सप्रेस, हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस और गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेनों के जरिए यह अभियान चलाने का निर्णय लिया है. लेकिन चुनाव आयोग के अभियान के समानांतर कुछ और प्रचार अभियान भी चल रहे हैं, जिनको लेकर आचार संहिता की दुहाई दी जाने लगी है.
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जी हां, शुक्रवार को काठगोदाम शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रियों को ‘मैं भी चौकीदार’ लिखे कप में चाय दी गई. सोशल मीडिया पर तस्वीर के वायरल होते ही बवाल मचा तो रेलवे में खान-पान संबंधी सेवा देखने वाली एजेंसी आईआरसीटीसी ने संज्ञान लिया. देर शाम रेलवे ने भूल सुधार करते हुए चाय के ये कप वापस ले लिए. लेकिन आप याद करें तो कुछ दिन पहले एअर इंडिया के टिकटों पर पीएम मोदी की तस्वीर और सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार को लेकर भी बवाल मचा था. मीडिया में चर्चा हुई तो एअर इंडिया ने भूल सुधार की. हालांकि शुक्रवार को एक बार फिर बोर्डिंग पास में पीएम मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की तस्वीर छपे होने का मामला सामने आया. बहरहाल, वोटर को अपने-अपने तरीके से ‘जागरूक’ करने के ये अभियान, चुनावों पर कितना असर डालेंगे यह तो 23 मई को नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा.

क्या था शताब्दी एक्सप्रेस का मामला
शुक्रवार को काठगोदाम शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रियों को जैसे ही ‘मैं भी चौकीदार’ लिखे कप में चाय दी गई, कुछ यात्रियों ने टि्वटर पर इसकी तस्वीरें शेयर करनी शुरू कर दी. आनन-फानन में आईआरसीटीसी ने इस गलती पर संज्ञान लिया. रेलवे ने भी प्रतिक्रिया दी. विवाद पर रेलवे ने कहा कि अनुमति लिए बिना प्यालों पर इसकी छपाई की गई थी. रेलवे ने बताया कि इस प्रकार के प्याले वापस कर दिए गए हैं और वेंडर पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है.
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रेलवे की ओर से यह सफाई आने से पहले बताया गया था कि लोकसभा चुनाव के दौरान यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है. आईआरसीटीसी ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “चाय परोसने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्याले पर मैं भी चौकीदार छपे होने की खबर की जांच की गई. यह रेलवे की पूर्व अनुमति के बिना किया गया था. प्याले तत्काल प्रभाव से वापस कर लिए गए हैं. मालूम हो कि ऐसे कुछ ही प्याले सर्कुलेशन में थे.” आईआरसीटीसी ने बताया कि इस प्रकार की सामग्री का उपयोग प्रचार के लिए करार के आधार पर लाइसेंसधारियों द्वारा किया जाता है.
ट्रेनों से ऐसे जागरूक होंगे मतदाता
भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान के प्रति जागरूकता लाने के लिए देश की सभी दिशाओं को जोड़ने वाले ट्रेन नेटवर्क का सहारा लेने की योजना बनाई है. इसके तहत आयोग ने रेल मंत्रालय के सहयोग से लंबी दूरी की ट्रेनों पर मतदाता जागरूकता संदेश लिखवाने का निर्णय लिया है, ताकि दूर-दराज के इलाकों के मतदाता इन संदेशों को पढ़कर वोट देने के प्रति जागरूक हों. आयोग की योजना के तहत इसके लिए पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण दिशा को जोड़ने वाली लंबी दूरी की 4 ट्रेनों को चुना गया है.
आयोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इन ट्रेनों में केरल एक्सप्रेस शामिल है, जो 3035 किलोमीटर की दूरी तय करती है. यह ट्रेन अपने 51 घंटे से ज्यादा के सफर में 8 राज्यों से गुजरती है और कुल 41 स्थानों पर रुकती है. ट्रेन के 20 ऐसे स्टॉपेज हैं जहां यह 5 मिनट रुकती है. इसी तरह जम्मू से कन्याकुमारी के बीच चलने वाली हिमसागर एक्सप्रेस 3714 किलोमीटर की दूरी तय करने में 69 स्टॉपेज पर रुकते हुए 71 घंटे से ज्यादा का समय लेती है. इसके मार्ग में तिरुवनंतपुरम, भोपाल, दिल्ली-निजामुद्दीन, जम्मू जैसे शहर पड़ते हैं. 2087 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली हावड़ा एक्सप्रेस 63 स्टॉपेज पर रुकते हुए अहमदाबाद, रायपुर और हावड़ा जैसे शहरों को छूती है. यह ट्रेन भी अपने मार्ग में 6 राज्यों से होकर गुजरती है. वहीं, गुवाहाटी एक्सप्रेस 7 राज्यों से गुजरते हुए अपने 67 घंटे से ज्यादा के सफर में 3237 किलोमीटर की दूरी तय कर अहमदाबाद, लखनऊ, पटना और गुवाहाटी जैसे शहरों को छूती है.

निर्वाचन आयोग की योजना के मुताबिक विभिन्न राज्यों से होकर गुजरने वाली इन ट्रेनों पर मतदाता जागरूकता संदेश लिखे होंगे. आयोग की मंशा है कि ये ट्रेनें जिन-जिन स्टेशनों से होकर गुजरेगी, उन राज्यों के लोग इन संदेशों को पढ़कर ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान करने के लिए प्रेरित होंगे. निर्वाचन आयोग के इस अनोखे अभियान से दूर-दराज के इलाकों के मतदाताओं को भी वोटिंग बूथ तक लाया जा सकेगा. आयोग का अनुमान है कि इस अभियान के जरिए आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत में सुधार हो सकता है.
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एअर इंडिया ने फिर कर दी ‘गलती’
सरकारी विमानन कंपनी एअर इंडिया के बोर्डिंग पास पर पीएम मोदी की तस्वीरों का विवाद थमा भी नहीं था कि शुक्रवार को एक बार फिर इसी कंपनी के बोर्डिंग पास में पीएम मोदी और गुजरात के सीएम विजय रूपाणी की तस्वीरों के इस्तेमाल की खबरें आईं. शुक्रवार की शाम मदुरै से एअर इंडिया की उड़ान लेने वाले एक यात्री ने अपने बोर्डिंग पास की तस्वीर ट्वीट की. इसमें जनवरी में हुए वाइब्रेंट गुजरात समिट के एक विज्ञापन में मोदी और रूपाणी की तस्वीरें थी. तस्वीर पर फौरन कंपनी के प्रवक्ता का बयान आ गया. एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘एअर इंडिया ने 25 मार्च को सभी घरेलू स्टेशन को तुरंत प्रभाव के साथ बोर्डिंग कार्ड के पीछे वाइब्रेंट गुजरात के विज्ञापन का इस्तेमाल रोकने को लेकर नोटिस जारी किया था. आज की घटना मानवीय भूल से हुई. इस भूल के लिए मदुरै में एअर इंडिया के एयरपोर्ट प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.’
(इनपुट – एजेंसी)
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