लखनऊः पुलवामा हमले को लेकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव की ओर से उठाए गए सवालों को लेकर पैदा विवाद के बाद पार्टी मुखिया अखिलेश यादव इसे शांत करने की कोशिश में जुट गए हैं. पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि देश के सशस्त्र बलों की कुर्बानी पर कभी सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए. हालांकि इस ट्वीट में उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया. अखिलेश ने आगे कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना नेताओं का मौलिक अधिकार है. उन्होंने ट्वीट किया कि हमारे सशस्त्र बलों के बलिदानों पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि इस सरकार को स्वयं को भारतीय सेना की तरह दिखाना बंद कर देना चाहिए. वे नेता खतरनाक हैं, जो कहते हैं कि उनसे सवाल नहीं किया जा सकता.Also Read - UP Assembly Election 2022: भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने कहा-सीएम योगी से भिड़ूंगा, शाम में धमाका करुंगा

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ट्विटर पर की गई उनकी यह टिप्पणी इस लिहाज से अहम है कि हाल में सपा नेता राम गोपाल यादव ने दावा किया था कि पुलवामा आतंकवादी हमला वोट हासिल करने के लिए रचा गया ‘षड्यंत्र’ था. सपा के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि वोट के लिए जवान मार दिए गए. मैं अभी बहुत ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता हूं. जब सरकार जाएगी, इसकी जांच होगी, तब बड़े-बड़े लोग इसमें फंस जाएंगे. Also Read - गोरखपुर के BJP विधायक को अखिलेश यादव का ऑफर- सपा में आएं, तुरंत टिकट दे देंगे

समाजवादी पार्टी के अहम नेताओं में से एक रामगोपाल यादव ने कहा कि परमिलिटरी फ़ोर्स सरकार से दुखी हैं. जवान मार दिए हैं, ऐसा वोट के लिए किया गया. उन्होंने कहा कि जम्मू-श्रीनगर के बीच चेकिंग ही नहीं थी. जवानों को सिंपल वाहनों में भेज दिया गया. ये बड़ी साजिश थी. मैं अभी नहीं कहना चाहता हूं, जब सरकार बदलेगी तब इसकी जांच होगी और बड़े-बड़े लोग इसमें फसेंगे.