नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे कुल 1,612 उम्मीदवारों में से 570 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं. एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा शुक्रवार को प्रकाशित आंकड़े के अनुसार, कांग्रेस के 90 उम्मीदवारों में से 40 और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 97 में से 38 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं. मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सबसे कम उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: भाजपा के मेनिफेस्टो पर मचा बवाल, तो BJP ने किया पलटवार

14 उम्मीदवारों ने घोषणा की है कि उन्हें दोषी ठहराया जा चुका है. 13 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ हत्या के मामले घोषित किए हैं, 29 ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले घोषित किए हैं, जैसे दुष्कर्म, उत्पीड़न या जोर-जबरदस्ती आदि. मात्र 25 उम्मीदवारों ने घृणास्पद भाषण से संबंधित मामले घोषित किए हैं. एडीआर के आंकड़े के अनुसार, 115 संसदीय क्षेत्रों में से 63 को रेड अलर्ट की श्रेणी में रखा गया है, जहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं. उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण आपराधिक मामलों के अलावा वित्तीय और शैक्षिक पृष्ठभूमि के आधार पर भी किया गया है. Also Read - बिहार: कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय से 8 लाख रुपए बरामद, इनकम टैक्स अफसरों ने रणदीप सिंह सुरजेवाला से की पूछताछ

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एडीआर ने अपनी रपट में कहा है कि 392 उम्मीदवारों ने करोड़ों में अपनी संपत्ति घोषित की है. समाजवादी पार्टी के कुमार देवेंद्र सिंह यादव ने अपनी कुल संपत्ति 204 करोड़ रुपये की घोषित की है. उनके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के भोंसले श्रीमंत छत्रपति की संपत्ति 199 करोड़ रुपये है. तीसरे चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है.