नई दिल्ली: मालेगांव आतंकी हमले की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ने मुंबई आतंकी हमले में शहीद हुए एटीएस चीफ हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान दिया है. प्रज्ञा ने कहा कि हेमंत करकरे को मैंने श्राप दिया था कि सर्वनाश होगा. और ऐसा ही हुआ. बता दें कि 2008 में मुंबई आतंकी हमले में एटीएस के चीफ हेमंत करकरे शहीद हो गए थे. साध्वी प्रज्ञा के इस बयान की आलोचना की जा रही है.

मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि हेमंत करकरे को सुरक्षा आयोग ने मुंबई बुलाया, तब मैं मुंबई जेल में थी. हेमंत करकरे को मुझसे पूछताछ और जांच के लिए बुलाया गया था. हेमंत करकरे से सुरक्षा आयोग ने कहा कि जब सबूत नहीं है, तुम्हारे पास तो साध्वी जी को छोड़ दो, लेकिन उस व्यक्ति ने कहा कि मैं कुछ भी करूंगा. सबूत बनाऊंगा, लेकर आऊंगा, लेकिन इसे नहीं छोडूंगा.

प्रज्ञा ने आगे कहा कि ये धर्म विरुद्ध था, ये देशद्रोह था. हेमंत उस समय बोला कि क्या सबूत के लिए मुझे भगवान के पास जाना पड़ेगा. मैंने कहा कि हां जा भगवन के पास. मैंने कहा कि तेरा सर्वनाश होगा. आप यकीन नहीं करेंगे. मुझे इतनी गंदी गालियां दी. इतनी यातनाएं दी. इसके बाद फिर सूतक लग गया और जिस दिन सूतक हटा ठीक सवा महीने में हेमंत करकरे मारा गया. भगवान राम ने जिस तरह से रावण को मारा उसी तरह से उसका अंत संयासियों के द्वारा कराया गया.

29 सितंबर, 2008 को नासिक जिले के मालेगांव शहर में एक मोटरसाइकिल में रखे गए शक्तिशाली बम में विस्फोट हो गया था, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी और 80 अन्य घायल हो गए थे. इस मामले की जांच पहले तत्कालीन एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे कर रहे थे, लेकिन 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले में करकरे शहीद हो गए थे. करकरे के नेतृत्व वाली एटीएस ने मामले में साध्वी प्रज्ञा समेत 14 लोगों को आरोपी बनाया था.