भोपाल: मालेगांव बम धमाकों में नाम आने के बाद लोगों की नजर में आईं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर बुधवार को एक फिर उस समय चर्चाओं का केंद्र बन गईं, जब भाजपा ने मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठित भोपाल संसदीय सीट से उन्हें अपना प्रत्याशी बनाने का ऐलान किया. भगवा कपड़े पहनने वाली ठाकुर (48) को उनके कटे हुए बालों और गले में पड़ी रूद्राक्ष की माला से सहज ही पहचाना जा सकता है. वह दक्षिणपंथी अतिवाद का उस समय चेहरा बन कर उभरीं जब महाराष्ट्र के आतंकवाद विरोधी दस्ते ने साल 2008 में उन्हें मालेगांव बम धमाके मामले में हथकड़ियां पहना दीं थीं. इस बहुचर्चित मामले में वह इन दिनों जमानत पर चल रही है. Also Read - सत्ता में रहते हुए भारत की तकदीर और तस्वीर बदलना ही BJP का लक्ष्य: जेपी नड्डा

बीजेपी ने एमपी की 4 सीटों के उम्‍मीदवार घोषित किए, दिग्‍विजय सिंह के खिलाफ साध्‍वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को उतारा Also Read - अमित शाह ने चुनावी रैली में कहा- सरकार आई तो पुडुचेरी को बनाएंगे भारत का 'गहना', एक बार मौका तो मिले

-27 दिसंबर, 2017 में एनआईए अदालत ने उनके खिलाफ सख्त मकोका कानून (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट) के तहत लगे आरोपों को हटा दिया था. इस धमाके के मामले में साध्वी के अलावा कर्नल प्रसाद पुरोहित, समीर कुलकर्णी और अन्य आरोपियों को भी राहत दे दी गई थी. Also Read - West Bengal Assembly Elections 2021 Opinion Poll: बंगाल में फिर एक बार ममता सरकार! लेकिन 3 से 100 पर पहुंच सकती है भाजपा; जानिए क्या है जनता का मूड

-29 सितंबर, 2008 को मालेगांव में हुए धमाकों में छह लोगों की मौत हो गई थी और 101 जख्मी हो गए थे. इस घटना में एक मोटरसाइकिल पर विस्फोटक बांध कर धमाका किया गया था.

VIDEO: सिद्धू बोले- अरे नरेंद्र मोदी यह राष्‍ट्रभक्‍त‍ि है तुम्‍हारी कि पेट खाली है और योग कराए जा रहे हो?

इतिहास में एमए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का जन्म मध्य प्रदेश के भिंड जिले में हुआ था और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से उनका लंबा नाता रहा है. उन्होंने संघ की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और विश्व हिंदू परिषद की महिला शाखा दुर्गा वाहिनी में भी काम किया है. अब भाजपा ने उन्हें भोपाल संसदीय सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया है जहां उनका मुकाबला कांग्रेसी दिग्गज और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से होगा.

भोपाल में करीब 18 लाख मतदाता हैं और इनमें से साढ़े चार लाख मतदाता मुसलमान है. पार्टी सूत्रों ने कहा कि ठाकुर की आरएसएस के झुकाव वाली छवि को देखते हुए कांग्रेस नेता के खिलाफ कट्टर हिंदुत्व वाली नेता को उतारा गया है. अप्रैल, 2017 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाकुर को जमानत दे दी थी. एटीएस ने कहा था कि बम धमाके मामले में वह मुख्य अभियुक्त थीं.

गिरिराज सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू पर किया पलटवार, कहा- ये नए जिन्‍ना का प्रोजेक्‍ट हिंदुस्‍तान में नहीं चलेगा

बीते साल हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भोपाल लोकसभा की आठ विधानसभा सीटों में से तीन पर कब्जा कर लिया था, जबकि बाकी पांच पर भाजपा ने जीत हासिल की थीं.

पीएम मोदी की हुंकार- 5 साल मैंने देश चलाया, मैं ही भारत को बना सकता हूं सुपर पावर

जब ठाकुर के संभावित भाजपा उम्मीदवार के रूप में चर्चा होने लगी तो बीते महीने एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था, ”मैं धर्म युद्ध के लिए तैयार हूं.” उन्होंने कहा था, ”मैं दिग्विजय सिंह से भिड़ने के लिए तैयार हूं अगर संगठन मुझसे ऐसा करने के लिए कहता है.” उन्होंने राज्य के इस पूर्व मुख्यमंत्री को ऐसे हिंदू विरोधी नेता की संज्ञा दी,जो हिंदुओ को आतंकवादी बताता है.

बीजेपी के बारे में इमरान खान का अपने ‘रिवर्स स्विंग’ से चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश: मोदी