नई दिल्ली. पूर्वोत्तर के राज्यों में नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर गतिरोध जारी है. इस बीच मेघालय के शिलॉन्ग सीट से बीजेपी उम्मीदवार सनबोर शुलई ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि यह विधेयक लागू हुआ तो वह सुसाइड कर लेंगे. बता दें कि बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में दावा किया है कि साल 2019 में वह केंद्र की सरकार में आती है तो इस विधेयक को लागू कर देगी.

दरअसल, मेघालय विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष सनबोर शुलई वोट डालने पहुंचे थे. इसके बाद नागरिकता (संशोधन) विधेयक से पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, यह तब तक लागू नहीं हो सकता, जब तक कि सनबोर शुलई जीवित है. उन्होंने कहा, यह लागू हुआ तो मैं खुद को मार लूंगा. मैं आत्महत्या कर लूंगा. उन्होंने कहा कि मैं पीएम नरेंद्र मोदी के सामने सुसाइड कर लूंगा, लेकिन इस विधेयक को लागू नहीं होने दूंगा.

लिख चुके हैं चिट्ठी
हालांकि, इस दौरान शुलई ने कहा कि ये विधेयक देश के दूसरे राज्य में लागू होता है तो वह इस पर किसी तरह का कमेंट नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि वह इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित बीजेपी के दूसरे राष्ट्रीय नेताओं और गैर सरकारी संगठनों को एक पत्र सौंप चुके हैं. इसमें उन्होंने लिखा है कि मेघालय और पूर्वोत्तर राज्यों को नागरिकता (संशोधन) विधेयक से छूट दी जानी चाहिए.

साल 2016 में बिल लाई थी मोदी सरकार
बता दें कि नरेंद्र मोदी सरकार नागरिकता (संशोधन) विधेयक बिल को साल 2016 में लाई थी. इसके अनुसार अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर और बिना उचित दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता मिलने का प्रावधान है.