रांची: पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष और आठ बार लोकसभा सांसद रहे करिया मुंडा का भारतीय जनता पार्टी द्वारा टिकट काट दिया गया है. झारखंड से लोकसभा चुनाव में उनका टिकट काटे जाने पर करिया मुंडा निराश हैं. इतने निराश कि उन्होंने टिकट जाने पर गांव जाकर खेती करने का फैसला किया है.

कई वरिष्ठ नेताओं के लिए ये चुनाव भारी पड़ रहा है. करिया मुंडा भी उन्हीं में से एक हैं. इस बार बीजेपी ने उन्हें नजर अंदाज़ कर दिया. टिकट जाने के बाद रविवार को करिया मुंडा ने कहा कि वह अब खेती की ओर लौटेंगे. उन्होंने कहा कि मैं कुछ और हासिल करने नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने राजनीति में आया था. बता दें कि भाजपा उम्मीदवारों की सूची में करिया मुंडा की जगह पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा को टिकट दिया गया है.

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करिया मुंडा 1977 में पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. वह 2009 में लोकसभा उपाध्यक्ष बने थे. निराश मुंडा ने संवाददाताओं से कहा, “मैं खेती से लोकसभा गया था. मैं खेती की ओर लौटूंगा. मैं लोगों की सेवा के लिए राजनीति में था न कि निजी हित के लिए. भगवान ने मुझे बहुत कुछ दिया है.”