नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के लिए शुक्रवार शाम छह बजे प्रचार अभियान थम गया. मतदान 19 मई को होगा. इस चरण में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित आठ राज्यों की 59 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है. चुनाव आयोग ने कोलकाता में पिछले कुछ दिनों में व्यापक पैमाने पर हुई चुनावी हिंसा के कारण राज्य में मतदान वाली नौ सीटों पर निर्धारित समय से एक दिन पहले, बृहस्पतिवार रात दस बजे से चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी थी. निर्वाचन आयोग ने सातवें चरण के चुनाव के लिये शुक्रवार को शाम छह बजे प्रचार थमने से पहले इस चरण में किस्मत आजमा रहे उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी. पिछले छह चरण के चुनाव में 543 लोकसभा सीटों में से अब तक 484 सीटों पर मतदान हो चुका है. उल्लेखनीय है कि सातवें चरण में पंजाब और उत्तर प्रदेश की 13-13, बिहार और मध्य प्रदेश की आठ-आठ, पश्चिम बंगाल की नौ, हिमाचल प्रदेश की चार, झारखंड की तीन और चंडीगढ़ सीट पर मतदान होगा.

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अंतिम चरण के चुनाव में कुल 918 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. लगभग 10 करोड़ मतदाता 19 मई को इनके भाग्य का फैसला करने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. सातवें चरण के चुनाव में नक्सल प्रभावित बिहार की सासाराम और काराकट लोकसभा सीट के चार-चार विधानसभा क्षेत्रों में तथा उत्तर प्रदेश की राबर्टसगंज सीट के तीन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान की अवधि सुबह सात बजे से सायं चार बजे तक निर्धारित की गयी है. झारखंड के तीन लोकसभा क्षेत्रों राजमहल, दुमका और गोड्डा के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से सायं चार बजे तक मतदान होगा. इस चरण में शामिल राज्यों की शेष सभी सीटों पर सुबह सात बजे से सायं छह बजे तक मतदान होगा. निर्वाचन नियमों के मुताबिक मतदान खत्म होने से 48 घंटे पहले प्रचार अभियान बंद हो जाता है. चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों के मुताबिक मतदान से पहले 48 घंटे की ‘प्रचार वर्जित अवधि’ (साइलेंट पीरियड) में उम्मीदवार किसी भी माध्यम से प्रचार अभियान नहीं कर सकते हैं. आयोग ने साइलेंट पीरियड में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से प्रचार को रोकने के लिए निगरानी के इंतजाम किये हैं.

आयोग ने आचार संहिता के प्रावधानों का हवाला देकर सभी दलों के नेताओं और उम्मीदवारों से इस अवधि में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में साक्षात्कार देने से भी रोका है. आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साइलेंट पीरियड में प्रचार पर रोक सुनिश्चित करने के लिये आयोग की शिकायत निवारण प्रणाली को सुचारु रखा गया है. इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति इसके उल्लंघन की शिकायत आयोग के मोबाइल एप, ऑनलाइन और पत्राचार के माध्यम से कर सकेंगे. सातवें चरण के चुनाव में किस्मत आजमा रहे प्रमुख उम्मीदवारों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हैं. मोदी वाराणसी से भाजपा उम्मीदवार हैं. उनका मुकाबला सपा की शालिनी यादव और कांग्रेस के अजय राय से है. इनके अलावा भाजपा खेमे से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का मुकाबला पटना साहिब से कांग्रेस के शत्रुघ्न सिन्हा से है. केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पंजाब की अमृतसर, मनोज सिन्हा उत्तर प्रदेश की गाजीपुर और अनुप्रिया पटेल बतौर अपना दल उम्मीदवार मिर्जापुर सीट से किस्मत आजमा रहे हैं.

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इनके अलावा प्रमुख उम्मीदवारों में फिल्म अभिनेता सनी देओल गुरदासपुर से, भोजपुरी गायक रवि किशन गोरखपुर से और किरण खेर चंडीगढ़ लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन दुमका से चुनाव मैदान में हैं. पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार बिहार के सासाराम से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. अंतिम चरण के मतदान वाली सीटों में उत्तर प्रदेश की महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चन्दौली, वाराणसी, मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज सीटें तथा मध्य प्रदेश की देवास, उज्जैन, मंदसौर, खरगौन, खंडवा, रतलाम और धार सीट शामिल हैं. इन सभी सीटों पर 2014 के चुनाव में भाजपा जीती थी. बाद में रतलाम सीट उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा से झटक ली.

अंतिम चरण में बिहार की नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकट और जहानाबाद सीटों पर मतदान होगा. पिछली बार इनमें से सात सीट भाजपा और एक सीट आरएलएसपी ने जीती थी. इस बार पाटलिपुत्र सीट से केन्द्रीय मंत्री रामकृपाल यादव का मुकाबला राजद उम्मीदवार मीसा भारती से है. इसके अलावा पंजाब की गुरदासपुर, अमृतसर, जालंधर, होशियारपुर, आनंदपुर साहिब, लुधियाना, फतहगढ़ साहिब, फरीदकोट, फिरोजपुर, बठिंडा, संगरुर, पटियाला और खडूर साहिब सीटों पर रविवार को मतदान होगा. पिछले चुनाव में आप और अकाली दल ने चार-चार, कांग्रेस ने तीन और भाजपा ने दो सीटें जीती थी. वहीं, पश्चिम बंगाल की मतदान वाली सभी नौ सीटें (दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जाधवपुर, कोलकाता दक्षिण और कोलकाता उत्तर) पिछले चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने जीती थीं.

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