नई दिल्ली. पीएम नरेंद्र मोदी के केदारनाथ गुफा दौरे को लेकर विपक्षी दलों के हमले रुके नहीं हैं. अब लोकतांत्रिक जनता दल के प्रमुख और दिग्गज राजनेता शरद यादव ने इस दौरे को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोला है. राजद के टिकट पर बिहार के मधेपुरा से लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले शरद यादव ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में इस दौरे पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि पीएम मोदी अपने इस दौरे से क्या संकेत देना चाहते हैं. क्या वह लोकसभा को ‘कीर्तन-सभा’ बनाना चाहते हैं. सात चरणों के चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल में भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनने के अनुमानों को भी शरद यादव ने निरर्थक करार दिया. Also Read - Budget Session: चुनावी जंग के बीच संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से, विपक्ष कमर कसकर है तैयार

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लोकसभा चुनाव के सातवें चरण का मतदान समाप्त होने के बाद शरद यादव ने मीडिया के साथ बातचीत के दौरान अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने पीएम मोदी के धार्मिक दौरे को लेकर सवाल उठाए. शरद यादव ने कहा, ‘दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रधानमंत्री गुफा में जाकर ध्यान करते हैं. इस गुफा में कुछ घंटे बिताने से उन्होंने क्या हासिल किया? क्या वहां कुछ नया आविष्कार हुआ था? क्या वह लोकसभा को कीर्तन-सभा बनाना चाहते हैं?’ दरअसल, पीएम मोदी ने बीते दिनों उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ और बदरीनाथ धाम का दौरा किया था. इस दौरान पीएम मोदी ने केदारनाथ के पास बनी एक गुफा में लगभग 15 घंटे तक समय बिताया.

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पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर कई विपक्षी दलों ने सवाल उठाया था. इन दलों का आरोप था कि सातवें चरण के मतदान से एक दिन पहले पीएम मोदी का केदारनाथ और बदरीनाथ धाम का दौरा चुनाव आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है. चुनाव से पहले धर्मस्थलों का दौरा कर पीएम मोदी मतदाताओं को परोक्ष रूप से प्रभावित करना चाह रहे हैं. शरद यादव ने भी इसके मद्देनजर ही सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे यह बात समझ नहीं आ रही है कि प्रधानमंत्री गुफा में कुछ घंटे बिताने से लोगों को क्या संदेश देना चाहते हैं. क्या देश की जनता उन्हें प्रधानमंत्री के पद पर इसलिए बिठाना चाह रही है कि वे सर्वोच्च पद पर बैठकर धार्मिक कार्य करें. यह साफ है कि प्रचार पाने के लिए पीएम मोदी इस तरह का नाटक कर रहे हैं. इसमें अगर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन भी हो रहा है, तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता.’

लोकसभा चुनाव के सभी चरणों के मतदान की समाप्ति के बाद आए एग्जिट पोल के अनुमानों में राजग को बहुमत मिलने के आसार को भी शरद यादव ने नकार दिया. एग्जिट पोल के नतीजों पर उन्होंने कहा, ‘चुनाव के बाद हुए इन एग्जिट पोल का कोई मतलब नहीं हैं. यह देश का दुर्भाग्य है कि हम अमेरिका या यूरोप की संस्कृति की नकल कर रहे हैं. इस देश में एग्जिट पोल होने ही नहीं चाहिए. व्यक्तिगत दृष्टिकोण की अगर बात करें तो मेरा स्पष्ट मानना है कि एग्जिट पोल से चुनाव की सही तस्वीर सामने नहीं आती है.’ आपको बता दें कि विभिन्न एग्जिट पोल के अनुमानों में यह बात सामने आई है कि देश में एक बार फिर राजग के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है.