नई दिल्लीः दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन को लेकर ऊहापोह की स्थिति बरकरार है. कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष और तीन कार्यकारी अध्यक्षों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को गठबंधन के खिलाफ पत्र लिखा है. पिछले हफ्ते लिखे गए पत्र में दीक्षित और कार्यकारी अध्यक्ष हारून यूसुफ, दवेंद्र यादव और राजेश लिलोठिया ने गठबंधन पर कार्यकर्ताओं का मूड जानने के लिए फोन सर्वेक्षण पर विरोध जताया है.

दिल्ली कांग्रेस के एक नेता ने बताया, ‘‘ दीक्षित और कार्यकारी अध्यक्षों ने कांग्रेस प्रमुख से गुजारिश की है कि वह ‘आप’ से गठबंधन नहीं करें क्योंकि यह दीर्घकाल में पार्टी को नुकसान पहुंचाएगा.’’ नेता ने कहा कि उन्होंने पार्टी की शक्ति ऐप्प के जरिए किए गए फोन सर्वेक्षण पर भी ऐतराज जताया है. यह सर्वेक्षण दिल्ली कांग्रेस के एआईसीसी प्रभारी पीसी चाको ने कराया है. सर्वेक्षण में दिल्ली कांग्रेस के करीब 52,000 कार्यकर्ताओं की राय मांगी गई थी कि क्या पार्टी को आप से गठबंधन करना चाहिए या नहीं.

उधर, आप ने भी लोकसभा चुनाव के लिए दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाओं को खारिज कर दिया है. उसने कहा कि कांग्रेस ने बहुत देर कर दी है. अब गठबंधन की कोई गुंजाइश नहीं है. आप की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय ने संवाददाताओं को बताया कि दिल्ली की सभी सात सीटों के लिये पार्टी के उम्मीदवार घोषित होने के बाद कांग्रेस के साथ गठबंधन की अब कोई संभावना नहीं है. पार्टी अपने उम्मीदवारों को वापस नहीं लेगी, इसलिये गठबंधन की कोई गुंजाइश नहीं है.

राय ने कहा, ‘‘अब हम इस निष्कर्ष पर पहुंच गये हैं कि कांग्रेस दिल्ली को लेकर गंभीर नहीं है. क्योंकि जिस राज्य में कांग्रेस गंभीर है वहां उनके प्रयास जारी हैं. इसीलिये रविवार को हमने अपना सातवां उम्मीदवार घोषित कर दिया.’’ उल्लेखनीय है कि छह सीटों के लिए आप के उम्मीदवार पहले ही घोषित किये जा चुके हैं. कांग्रेस की तरफ से अब बातचीत की कोई पहल किये जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब कोई गुंजाइश नहीं है. उल्लेखनीय है कि दिल्ली की सभी सात सीटों के लिये 12 मई को छठवें चरण में मतदात होगा.