मुंबईः महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटील के बेटे को भाजपा में शामिल किए जाने से सहयोगी दल शिवसेना नाराज हो गई है. उसने भाजपा से कहा है कि वह ऐसे नेताओं को पार्टी में शामिल करते समय सावधानी बरते. इन नेताओं को शामिल किए जाने से भविष्य में दिक्कत पैदा हो सकती है क्योंकि ये सभी मौका परस्त हैं. पार्टी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया ब्लॉग पोस्ट का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस और भ्रष्टाचार ‘पर्यायवाची’ हैं. उसने पीएम के ब्लॉग के जरिए संकेतों में सवाल उठाया है कि इन ‘भ्रष्टाचारियों’ को आखिर क्यों शामिल किया जा रहा है. राधाकृष्ण विखे पाटील के बेटे सुजय विखे पाटील मंगलवार को भाजपा में शामिल हो चुके हैं.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा, ‘‘कांग्रेस और राकांपा से नेताओं का आना आज लाभकारी लग सकता है लेकिन इससे भविष्य में समस्या पैदा हो सकती है, हमारा अनुभव यही कहता है. लोग आज आ रहे हैं, क्योंकि सत्ता है. जब कुछ नहीं होगा, तब वे अन्य लोगों से संबंध जोड़ेंगे.’’

उसने कहा कि राधाकृष्ण विखे पाटील शिव सेना के सदस्य थे और शिवसेना ने उन्हें एवं उनके पिता को क्रमश: राज्य एवं केंद्र सरकारों में मंत्री बनाया. उसने कहा, ‘‘लेकिन सत्ता से बाहर जाने पर वह हमारे खिलाफ हो गए. विपक्ष के नेता के तौर पर उन्होंने विपक्षी नेता की तरह व्यवहार नहीं किया. सत्ता में रहने के दौरान भी उन्होंने शिवसेना की तरह (कई मामलों पर) मजबूत रुख नहीं अपनाया. इसके विपरीत उन्होंने हमारा विरोध किया.’’

पार्टी ने कहा कि अब हालात ऐसे हैं कि लोग उनसे नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं. उसने कहा, ‘‘ऐसे घराने हैं जिनकी कोई विशेष विचारधारा नहीं है. वे जिस दिशा में हवा चल रही हो, उसी दिशा में मुड़ जाते हैं.’’

(इनपुट-भाषा)