मुंबई: एनडीए की सहयोगी पार्टी शिवसेना अक्‍सर मोदी सरकार को आलोचना के कटघरे में खड़ी करती रही है, लेकिन भारत के उपग्रह भेदी मिसाइल के सफल परीक्षण पर पीएम पर गदगद नजर आई. महाराष्‍ट्र में प्रभावी भूमि‍का में रहने वाली इस शिवसेना ने गुरुवार को सराहना करते हुए कहा कि यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. उपग्रह भेदी मिसाइल के सफल परीक्षण की मोदी की घोषणा ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया. शिवसेना ने ‘मिशन शक्ति’ को भारत की बड़ी उपलब्धि बताते हुए अपने मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय में कहा, ”मोदी है तो मुमकिन है. जमीन पर भी और आसमान में भी.

पार्टी ने कहा, भारत कल तक एक परमाणु शक्ति था. इंदिरा गांधी से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक (पूर्व) प्रधानमंत्रियों ने इसके लिए कड़ी मेहनत की. मोदी के कार्यकाल में हम एक अंतरिक्ष महाशक्ति बन गए. हमारे वैज्ञानिकों ने ऐसा कर दिखाया. संपादकीय में कहा गया है कि जब आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर नेता एक दूसरे पर कीचड़ उछालने में लगे हैं, एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, ऐसे में मोदी ने वैज्ञानिकों की सफलता की आनंददायी खबर सुनाई.

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा कि सरकार द्वारा नवंबर 2016 में नोटबंदी का फैसला किए जाने के बाद, कल लोगों में इस बात को लेकर बहुत उत्सुकता थी कि मोदी अपने संबोधन में क्या घोषणा करने वाले हैं. सामना के अनुसार, कुछ सोच रहे थे कि भारतीय जवानों ने फिर से पाकिस्तान पर हमला कर दिया, (जैश-ए-मोहम्मद के सरगना) मसूद अजहर को मार कर उसका शव गुजरात तट के पास अरब सागर में डाल दिया गया.

पार्टी ने कहा कि ऐसी भी अटकलें थीं कि भगोड़े कारोबारियों विजय माल्या, मेहुल चोकसी और नीरव मोदी को रात में एक ही विमान से दिल्ली वापस लाया गया है. यह भी अनुमान लगाया जा रहा था कि दाऊद इब्राहिम को पकड़कर मुंबई या दिल्ली लाया गया है.

संपादकीय में कहा गया है कि कुछ लोग तो यह भी सोचने लगे थे कि गरीब परिवारों के बैंक खातों में हर वर्ष 72,000 रुपए जमा कराने की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की योजना के जवाब में, लोगों के खातों में 15-15 लाख रुपए जमा कराने के मोदी के वादे पर ही कुछ नई बात बताई जाएगी. पार्टी ने कहा, हालांकि, इन सबके विपरीत उपग्रह भेदी मिसाइल के सफल परीक्षण की मोदी की घोषणा ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया.

बता दें कि बुधवार को पीएम मोदी ने जब राष्‍ट्र को मिशन शक्‍त‍ि की सफलता पर बताते हुए वैज्ञानिकों को बधाई दी और देश की उपल्‍बधि के बारे में बताया तो विरोधी दलों ने पीएम मोदी और बीजेपी को निशाने पर ले लिया. उन्‍होंने इसे चुनावी लाभ लेने की कोशिश से जोड़ दिया. लेकिन जब वैज्ञानिकों ने इस मिशन पर बीते सरकार के रवैये के बारे में जाहिर कर दिया तो विरोधी दलों ने नेताओं के हमले की धार कमजोर पड़ गई.