लखनऊ: सपा-बसपा के हाथ मिलाने के बाद उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए एक और गठबंधन बन गया है. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के संयोजक शिवपाल यादव ने मंगलवार को कई दलों के साथ मिलकर प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) का गठन किया. इस दौरान उन्होंने कई और छोटे दलों को अपने साथ जोड़ने का संकेत दिया. मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने के लिए वह सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से गठबंधन करने को तैयार थे, लेकिन कई पार्टियों ने निजी स्वार्थ को वरीयता दी. आज ही शिवपाल सिंह यादव ने लोकसभा चुनाव के लिए 31 प्रत्याशियों की सूची जारी की है.

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उन्होंने कहा, “आज के दौर में भाजपा हमारे लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सपा, बसपा और कांग्रेस के निजी स्वार्थ की वजह से आज भाजपा के खिलाफ निर्णायक मोर्चा नहीं बन सका.” कांग्रेस से गठबंधन न होने पर उन्होंने कहा, “हमने कोशिश की, पर कुछ कारणों से ये मुमकिन नहीं हो पाया. शिवपाल ने कहा कि भाजपा को केंद्र की सत्ता से हटाने के लिए सारे विकल्प खुले हैं.”


अपर्णा यादव को टिकट देने के सवाल पर शिवपाल ने कहा, “हमने नेताजी की बात को कभी नहीं टाला. नेता जी का जो भी आदेश होगा उसका पालन करेंगे.” गठबंधन में शामिल हुए पीस पार्टी के अध्यक्ष अयूब खान ने कहा, “हम पूरी ताकत से भाजपा को रोककर ऐसी सरकार देंगे जो उपेक्षित लोगों का पूरा ख्याल रखेगी.” शिवपाल सिंह यादव का कहना है कि वह अखिलेश यादव और मायावती को चुनौती देंगे। बता देंगे कभी अखिलेश मायावती को बुआ तो मायावती अखिलेश को बबुआ कहते थे.