उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) वेंकटेश्वर लू ने भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के अमेठी में बूथ कैप्चरिंग के दावे को खारिज कर दिया है. ईरानी अमेठी से भाजपा की उम्मीदवार हैं. वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ यहां से मैदान में हैं. दरअसल, सोमवार को वोटिंग के दौरान गौरीगंज विधानसभा के गूजर टोला क्षेत्र में बूथ संख्या 316 पर एक महिला मतदाता ने वहां तैनात पीठासीन अधिकारी पर कांग्रेस पार्टी के पक्ष में जबरन वोट कराने का आरोप लगाया.

इस महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर दिखने लगा. इसके बाद स्मृति ईरानी ने इस वीडियो को अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाते हुए आयोग से इसकी शिकायत की. इसके बाद पीठासीन अधिकारी को तुरंत हटा दिया गया. एक व्यक्ति ने महिला की शिकायत के 23 सेकेंड यह वीडियो अपने ट्विटर पर साझा किया था, जिसे रीट्वीट करते हुए ईरानी ने कहा, “चुनाव आयोग अलर्ट, राहुल गांधी सुनिश्चित कर रहे हैं कि बूथ कैप्चरिंग हो.”

मामला तूल पकड़ने के बाद सोमवार शाम को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री की ओर से लगाए गए बूथ कैप्चरिंग के आरोप निराधार हैं. उन्होंने बुजुर्ग महिला का जो वीडियो वायरल हो रहा है वो आधारहीन है.

स्मृति के आरोप के बाद सेक्टर ऑफिसर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पर्यवेक्षक भी बूथ पर पहुंच गए. उन्होंने वहां पर मौजूद राजनीतिक दलों के पोलिंए एजेंटों और बूथ पर मौजूद अन्य अधिकारियों से बातचीत की. इसके बाद यह पाया गया कि वीडियो क्लिप में जो आरोप लगाए गए थे वो गलत थे. वीडियो में लगाए गए आरोप को पहली नजर में सही नजर आने के देखते हुए पीठासीन अधिकारी को हटा दिया गया था. मामले की जांच जारी है.