लखनऊः लोकसभा चुनाव 2019 के छठे चरण के प्रचार के अंतिम दिन समाजवादी पार्टी (सपा) को झटका लगा है. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सगड़ी, आजमगढ़ सदर, गोपालपुर, व मेहनगर विधानसभा क्षेत्रों में होने वाली चार सभाओं को रद्द कर दिया गया है. सभाएं रद्द होने पर समाजवादी पार्टी ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आजमगढ़ के सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा, “सभी जानते हैं कि आजमगढ़ में गठबंधन को हमेशा जीत मिलती है.”

उन्होंने कहा, “हार की हताशा व सत्ता के दबाव में निर्वाचन से जुड़ी संस्थाएं खासतौर से जिला प्रशासन तकनीकी दृष्टि से चुनाव को रद्द करने का बहाना ढूंढ रहा है. इसीलिए प्रचार समाप्त होने में दो दिन शेष रहते चुनाव मद में होने वाले खर्च की पूर्व निर्धारित दरों को संशोधित कर दिया गया है.”

यादव ने आशंका जताते हुए कहा कि सत्ता व प्रशासन की दुरभि संधि के चलते 10 मई को सपा अध्यक्ष व लोकसभा प्रत्याशी अखिलेश यादव के आजमगढ़ में प्रस्तावित जनसभाओं को निरस्त कर दिया गया है. आजमगढ़ के जिलाधिकारी (डीएम) शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से अखिलेश यादव की कोई सभा रद्द नहीं की गई है. चुनाव आयोग की ओर से खर्चे पर निगरानी रखने वाले व्यय पर्यवेक्षक की ओर से सभी पार्टियों को खर्चे को लेकर नोटिस भेजा गया है. उन्होंने अपनी सभाएं खुद ही रद्द की हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू ने कहा, “चुनाव खर्च की दरों में संशोधन जिला निर्वाचन अधिकारी के अधिकार क्षेत्र का विषय है.”