नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो को मुलायम सिंह यादव के आय से अधिक संपत्ति के मामले में जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्तों को समय दिया है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद, समाजवादी पार्टी के संरक्षक के खिलाफ से आय से अधिक संपत्ति होने की प्रारंभिक जांच शुरू की गई थी. सॉलिसिटर जनरल ने अदालत से कहा कि एजेंसी ने 2013 में प्रारंभिक जांच को बंद कर दिया था, क्योंकि उसे कोई भी निर्णायक सबूत नहीं मिले थे.

सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए कहा. मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी, तब तक चुनाव समाप्त हो चुके होंगे. मुलायम सिंह यादव ने सर्वोच्च न्यायलय में शिकायत दर्ज कराई थी कि चुनाव की पूर्व संध्या को दायर की गई याचिका राजनीति से प्रेरित है.

सीबीआई ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उसने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे अखिलेश यादव के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति मामले में प्राथमिक जांच 2013 में ही बंद कर दी. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई से कहा कि मुलायम सिंह यादव के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से ज्यादा संपत्ति के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ता की ओर से दायर ताजा याचिका पर वह चार सप्ताह में जवाब दे.

यादव ने गुरुवार को न्यायालय में आरोप लगाया था कि कांग्रेस कार्यकर्ता उनके और उनके परिवार के खिलाफ एक पुराने मामले को फिर से उठाकर लोकसभा चुनावों में उनकी छवि खराब करना चाहते हैं. यादव ने 25 मार्च को उनके खिलाफ जारी नोटिस के जवाब में यह कहा.