नई दिल्ली. जाति-धर्म के नाम पर भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं पर चुनाव आयोग की कार्रवाई से मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट नजर आया. आजम खान, मेनका गांधी, मायावती और योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव आयोग की कार्रवाई का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आयोग की कार्रवाई के बाद कोर्ट को कोई आदेश देने की जरूरत नहीं दिखती. ऐसी घटना दोबारा होने पर याचिकाकर्ता चाहे तो दोबारा कोर्ट का रुख कर सकते हैं.

दरअसल, सोमवार को कोर्ट ने आयोग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर मंगलवार को सुनवाई का फैसला किया था. इसके मद्देनजर आयोग के अधिकारियों को भी कोर्ट में पेश होने को कहा था. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मायावती की उस अर्जी पर भी सुनवाई से इनकार कर दिया है, जिसमें मायावती ने चुनाव आयोग के रोक के आदेश को चुनौती दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से ये पूछा था
बता दें कि सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा था कि धार्मिक आधार पर वोटिंग का बयान देने वाली मायावती ने नोटिस का जवाब नहीं दिया, आपने क्या किया? चुनाव आयोग ने अपने जवाब में कहा था कि हमारी शक्तियां सीमित है. कोर्ट ने चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया था. दरअसल, जाति और धर्म को लेकर राजनेताओं और पार्टी प्रवक्ताओं के आपत्तिजनक बयानों पर राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी.

घृणा फैलाने का आरोप
सुप्रीम कोर्ट चुनाव प्रचार के दौरान जाति और धर्म को आधार बना कर घृणा फैलाने वाली टिप्पणियों से निपटने संबंधी चुनाव आयोग की शक्तियों पर गौर करने को तैयार है. लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती और अन्य नेताओं के आचार संहिता के खिलाफ दिए गए बयानों को लेकर नाराजगी जताई थी. आयोग के पास सीमित अधिकार होने के प्रति असंतुष्टि जताई थी.

चुनाव आयोग ने की है कार्रवाई
यूपी में पिछले कुछ दिनों से जाति और धर्म को लेकर नेता विवादित भाषण देते आ रहे हैं. उनके भाषणों में अली और बजरंग बली का नाम लेकर भी विवादित टिप्पणियां सुनी जा रही थी. सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद ही चुनाव आयोग ने 4 बड़े नेताओं पर बड़ी कार्रवाई की है. चुनाव आयोग ने आजम खान, मेनका गांधी, मायावती और योगी आदित्यनाथ के चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है. आयोग ने योगी और आजम खान पर 72 घंटे जबकि मेनका गांधी और मायावती पर 48 घंटे के लिए रोक लगाई है.