नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बायोपिक के रिलीज पर प्रतिबंध लगाने के निर्वाचन आयोग के आदेश में हस्तक्षेप करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि वह बायोपिक के निर्माताओं द्वारा दायर याचिका की सुनवाई नहीं करना चाहती. याचिका में ईसी के आदेश को चुनौती दी गई है.

 

न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भी पीठ में शामिल हैं. पीठ ने कहा कि अब इसमें क्या बचा है? निर्माताओं की ओर से पेश हुए वकील ने पीठ से कहा कि ईसी का आदेश केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा फिल्म को दी गई मंजूरी के विपरीत है. पीठ ने कहा कि मामला यह है कि क्या फिल्म इस समय दिखाई जा सकती है. निर्वाचन आयोग ने फैसला कर लिया है. हम इसकी सुनवाई नहीं करना चाहते.

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निर्वाचन आयोग ने सोमवार को सौंपी थी रिपोर्ट
बता दें कि इससे पहले निर्वाचन आयोग ने सोमवार को बॉयोपिक ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ से संबंधित अपनी रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में सर्वोच्च न्यायालय को सौंपी थी. शीर्ष अदालत को सौंपी गई निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट से वाकिफ एक सूत्र ने इस बात की जानकारी दी कि जिन अधिकारियों ने यह फिल्म देखी है, उनका मानना है कि अगर चुनाव के दौरान इस फिल्म को रिलीज किया गया तो एक विशेष राजनीतिक दल को इसका भरपूर लाभ मिलेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके मद्देनजर आयोग का यह फैसला सही है कि 19 मई को लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण की वोटिंग के बाद फिल्म को रिलीज किया जाए.

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