गुजरात के सूरत (Surat Fire) में एक कोचिंग संस्थान में शुक्रवार को आग लगने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है. आग की वजह से कई छात्र जलकर राख हो गए, वहीं कई ने घबराहट में इमारत से छलांग लगा दी और उनकी मौत हो गई. दमकल विभाग के कर्मियों ने कहा कि सरथना इलाके में स्थित तक्षशिला इमारत में हुए हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई. इस बीच पुलिस ने कोचिंग संस्थान के संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है.

मामले में एक एफआईआर दर्ज की गई है. तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि इमारत की छत पर अस्थायी ढांचे के निर्माण के साथ कोचिग संस्थान चलाया जा रहा था. यहां पहुंचने के लिए लकड़ी की सीढ़ी बनाई गई थी.

टीवी चैनलों पर दिखाए जा रहे वीडियो में सरथना इलाके के तक्षशिला परिसर में लगी आग का भयानक मंजर दिखाई दिया, जहां छात्र आग से बचने के लिए तीसरी और चौथी मंजिलों से कूदते नजर आए. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इस घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है. उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि इमारत में कोचिंग कक्षाएं छत पर एक शेड में चल रही थीं. इस बात की जांच की जाएगी कि निर्माण कार्य अवैध तो नहीं है.

सूरत अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 19 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और आग पर काबू पाने के लिए दो हाइड्रोलिक प्लेटफार्म भी बनाए गए. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह आग त्रासदी से अत्यंत दुखी हैं. मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘ मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. घायल जल्द स्वस्थ हों. गुजरात सरकार और स्थानीय अधिकारियों से प्रभावितों को हरसंभव मदद मुहैया कराने को कहा है.’’

(इनपुट आईएएनएस)