नई दिल्ली: ज्यादातर मतदाता अपने भविष्य के लिए आशांवित हैं. सीवोटर-आईएएनएस ट्रैकर में लगभग 60 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले साल उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा. मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग आशावादी है, सिर्फ कुछ लोगों ने कहा कि उनकी स्थिति बिगड़ेगी, जबकि कई उत्तरदाताओं ने इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कह नहीं सकते.”

सर्वे के तहत 24 अप्रैल को 11,509 मतदाताओं से पूछे गए सवाल के जवाब में 59.65 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि उनके जीवन स्तर में सुधार होगा और 23.28 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे इस बारे में अभी कुछ कह नहीं सकते. जीवन स्तर का भावी गुणवत्ता (एफओएल) सूचकांक मार्च के पहले महीने के बाद 50 प्रतिशत से ऊपर बना हुआ है.

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लगभग एक सप्ताह पहले, 60 प्रतिशत से ज्यादा उत्तरदाताओं ने कहा कि आगामी एक साल में उनका जीवन स्तर सुधर जाएगा. मध्य प्रदेश (356 उत्तरदाताओं में से 70.56 प्रतिशत ने कहा कि उनके जीवन स्तर में सुधार होगा), छत्तीसगढ़ (378 उत्तरदाताओं में 68.50 प्रतिशत), बिहार (519 उत्तरदाताओं में 67.50 प्रतिशत), ओडिशा (429 उत्तरदाताओं में 66.60 प्रतिशत), असम (323 उत्तरदाताओं में 64.36 प्रतिशत) और गुजरात (357 उत्तरदाताओं में 63.20 प्रतिशत) उन राज्यों में शामिल हैं जहां मतदाता अपने भविष्य के लिए सबसे ज्यादा आशावादी हैं.