रायबरेली: कांग्रेस लोकसभा चुनाव के बीच यूपी में तीन साल बाद होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी की मुद्रा में अभी से दिखाई दे रही है. ये बात कांग्रेस महाचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की बात से सामने आई है. कांग्रेस महासचिव ने गुरुवार को अपनी मां सोनिया गांधी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मैराथन मीटिंग शुरू करने से कुछ ही घंटों पहले उन्होंने कार्यकर्ताओं से उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू करने को कहा.Also Read - UP Elections 2022: अमित शाह ने बीजेपी के पक्ष में डोर-टू- डोर पर्चे बांटे, सपा-बसपा पर हमला किया

गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार से की मुलाकात, शुक्रवार को जाएंगे बेगूसराय Also Read - Rohilkhand Opinion Poll: रुहेलखंड में कैसा रहेगा जनता का मूड, चुनाव में किसका पलड़ा रहेगा भारी, जानिए

इससे पहले प्रियंका ने अपने भाई और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के चुनाव क्षेत्र अमेठी के जिला मुख्यालय गौरीगंज के पास पास एक कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं से सवाल पूछकर उनको चकित कर दिया. उन्होंने पार्टी के एक कार्यकर्ता से पूछा, “क्या आप चुनाव की तैयारी कर रहे हैं? मैं 2019 की नहीं, बल्कि 2022 की बात कर रही हूं.” उनके इस बयान से प्रदेश के लिए कांग्रेस की योजना और प्रियंका को वहां लाने की वजह का संकेत मिलता है. Also Read - UP Elections 2022: अमित शाह ने कहा- माफियाओं पर कार्रवाई होती है तो अखिलेश यादव के पेट में दर्द होता है

मिशन शक्ति पर शिवसेना ने कहा, मोदी है तो मुमकिन है, जमीन पर भी और आसमान में भी

बता दें कि प्रियंका गांधी तीन दिन के चुनावी दौरे पर उत्तर प्रदेश में हैं. वह दिन में 11.45 बजे भूएमऊ की अतिथिशाला पहुंची.

83% लोकसभा सांसद करोड़पति, हरएक की औसत संपत्ति 14.72 करोड़ और 33 फीसदी दागी

राहुल गांधी ने उनको 23 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी नियुक्त करने के बाद मीडियाकर्मियों से कहा, “उन्हें यहां चार महीने के लिए नहीं भेजा गया है. उनको यहां बड़ी योजना के साथ भेजा गया है. हम न सिर्फ 2019 में भाजपा को शिकस्त देंगे, बल्कि 2022 का चुनाव जीतेंगे.”

एमपी में चुनाव से पहले बीजेपी की डैमेज कंट्रोल की कोशिश, अटल के भांजे को मनाने में जुटी पार्टी

राहुल गांधी ने अमेठी के बाद इस बात को कई भाषणों में दोहराई है. कांग्रेस को 2017 में अमेठी के सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में हार मिली थी. चार सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी, जबकि एक सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई थी.