नई दिल्ली: बीजेपी की फायर ब्रांड नेता के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाली केंद्रीय मंत्री उमा भारती अब शायद ही कभी चुनाव लड़ें. उमा भारती ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर कहा है कि ‘मैं अब टिकट नहीं चाहती हूं. पार्टी आधिकारिक घोषणा करे कि मुझे टिकट नहीं दिया जाएगा.’ उमा ने यह भी कहा कि वह अब अपना अधिकतर समय गंगा के किनारे बिताना चाहती हैं. हालाँकि उन्होंने यह कहा कि वह पार्टी के लिए प्रचार करती रहेंगी और राजनीति से मरते दम तक संन्यास नहीं लेंगी.

गंगा किनारे समय बिताना है
उमा भारती पहले भी चुनाव नहीं लड़ने की बात कह चुकी हैं. आज उन्होंने कुछ ही देर में एक के बाद एक ट्वीट कर फिर से इस बात को दोहराया है. उन्होंने ट्वीट किया- ‘प्रिय मित्र, जैसा कि मैंने पूर्व में घोषित भी किया था, उसी को पुन: दोहराते हुए अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान @AmitShah जी को पत्र लिखकर चुनाव नहीं लड़ने का अनुरोध दोहराया है, ताकि पार्टी आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा कर दे.’ इसके बाद उमा ने दूसरा ट्वीट किया ‘मैंने पहले भी आप सब मित्रों को बताया है कि अगले डेढ़ साल तक मैं अधिकतम समय गंगा के किनारे बिताना चाहती हूं. इस अवधि के दौरान मैं भाजपा के कहे अनुसार लोकसभा चुनाव प्रचार में भाग लूंगी एवं भाजपा जो जिम्मेदारी देगी, उसे भी संभालूंगी.’

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मरते दम तक सेवा करूंगी
उमा ने तीसरे ट्वीट में कहा कि ‘मैं जीवन के आखिरी सांस तक राजनीति से रिटायर नहीं होउंगी तथा मरते दम तक गरीब आदमी के अधिकारों के लिए राजनीति करती रहूंगी.’ वहीं चौथे और पांचवे ट्वीट ने उमा ने नरेंद्र मोदी को फिर से पीएम बनने की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने लिखा ‘प्रधानमंत्री @narendramodi जी देश के प्रधान चौकीदार हैं, हम सब भाजपा के कार्यकर्ता चौकीदारों की फौज में शामिल हैं. इसलिए मैं जीवन की आखिरी घड़ी तक देश के लिए अपनी जिम्मेदारी के प्रति चौकस रहूंगी. हमारी सरकार बने तथा @narendramodi जी फिर से प्रधानमंत्री बनें, यही मेरी मनोकामना है.’

पहले भी कह चुकी हैं चुनाव नहीं लड़ने की बात
केंद्रीय मंत्री उमा भारती झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं. 2014 में पार्टी ने उन्हें झांसी से टिकट दिया था, उन्होंने प्रतिद्वंदियों से बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी. इसके बाद उमा भारती को जल संसाधन मंत्रालय सौंपा गया. इसके बाद उन्हें इस मंत्रालय हटाकर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय सौंप दिया गया. उमा भारती इससे पहले भी चुनाव नहीं लड़ने की बात कह चुकी हैं. कहा जाता रहा है कि खराब स्वास्थ्य की वजह से वह चुनावी राजनीति में सक्रिय नहीं रहना चाहती हैं.