लखनऊ. चुनावी सियासत की गहमा-गहमी के बीच नेताओं का दल-बदल कार्यक्रम जारी है. दल-बदल की इन घटनाओं में कोई भी पार्टी अछूती नहीं है. क्या कांग्रेस, क्या भाजपा, सभी दलों में भागम-भाग मची हुई है. पार्टी छोड़ने वाले हर नेता के लिए उसका पुराना दल उसे ‘बेकार’ बताता है, जबकि नई पार्टी को उसमें ‘जीत’ की गुंजाइश नजर आती है. पार्टी छोड़ने के इस घटनाक्रम पर आपकी भी नजर होगी ही, तो ताजा मामला देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का है. यहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा चुनाव से पहले उसके अपने ही ‘घर’ से झटका लगा है. जी हां, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय की बहू ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है.

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हालांकि यूपी भाजपा के अध्यक्ष की बहू, उनकी अपनी बहू न होकर, भाई की पुत्रवधू हैं. पांडेय ने बहू के जाने के तत्काल बाद अपने परिवार की तस्वीर ट्वीट कर पार्टी के प्रति ‘भरोसा’ जताया, लेकिन मीडिया में तो यही खबरें आई कि महेंद्रनाथ पांडेय के घर से ही एक कांग्रेसी निकल आया है. दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय के बड़े भाई जितेंद्रनाथ पांडेय की पुत्रवधु अमृता पांडेय ने बुधवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हो गईं. इस दौरान अमृता ने कहा, “कांग्रेस से उनका पुराना जुड़ाव है. मेरा मायका कांग्रेसी रहा है. इसलिए मैं कांग्रेस के साथ हूं.”

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अमृता पांडेय ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा, “भाजपा ने ब्राह्मणों के साथ ही समाज के सभी वर्ग के लोगों को ठगने का काम किया है. चुनाव लड़ने का सवाल कांग्रेस पार्टी तय करेगी. फिलहाल मेरा उद्देश्य प्रियंका गांधी के साथ मिलकर काम करने का है.” इस बीच महेन्द्रनाथ पांडेय ने ट्वीट कर अपनी बेटी और पत्नी के साथ फोटो पोस्ट करके पूरे प्रदेश को होली की बधाई दी है और यह संदेश देने का प्रयास किया है कि उनका अमृता पांडेय से कोई संबंध नहीं है. इस दौरान उनके साथ वाराणसी लोकदल के वरिष्ठ नेता जयराम पांडेय, आप की विनीता रंजू बाला, भाजपा के पूर्व पार्षद ओमप्रकाश भी कांग्रेस में शामिल हो गए.

(इनपुट – एजेंसी)