नई दिल्लीः कांग्रेस पार्टी की ओर से स्टार बॉक्सर विजेंदर सिंह को प्रतिष्ठित दक्षिण दिल्ली संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाए जाने का निर्णय कइयों के लिए चौकाने वाला रहा, लेकिन पूर्व मुख्य राष्ट्रीय कोच गुरबख्स सिह संधू के लिए यह कोई चौकाने वाली बात नहीं है. भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास में सबसे लंबे समय तक राष्ट्रीय कोच की भूमिका निभा चुके संधू 2008 बीजिंग ओलंपिक में विजेंदर के मिडलवेट वर्ग में कांस्य जीतने के दौरान प्रभारी थे. संधू का मानना है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रिंग के अंदर की विजेंदर की प्रतिभा की हमेशा तारीफ की है.

पूर्व कोच ने कहा कि राहुल बॉक्सिंग के फैन हैं और उन्हें विजेंदर को खेलते देखना पसंद है. मुझे याद है, 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान, राहुल बिना घोषणा के ही विजेंदर का खेल देखने तालकटोरा स्टेडियम आ गए थे. उन्होंने कहा, “बाद में, वह हमारी टीम के सदस्यों का हौसला बढ़ाने आए, उन्होंने विजेंदर से बात की और वहां से चले गए. मैंने उनमें एक वास्तविक बॉक्सिंग प्रेमी देखा.

2015 में, विजेंदर डब्ल्यूबीओ के बैनर तले एक पेशेवर बॉक्सर बन गए और तब से वह लगातार 10 मुकाबले जीत चुके हैं. 16 जुलाई, 2016 को विजेंदर दिल्ली के त्यागराज खेल परिसर में ऑस्ट्रेलिया के काइरी होप से भिड़ रहे थे और राहुल गांधी उस मुकाबले को देखने के लिए वहां मौजूद थे. संधू ने कहा, “जहां तक मैं जानता हूं, विजेंदर का राहुल से करीबी संबंध है. वह कभी-कभी कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात करने जाते थे. लेकिन मैं नहीं जानता कि इसी की वजह से विजेंदर को पार्टी का टिकट मिला या नहीं.”

दो डब्ल्यूबीओ खिताब हासिल कर चुके विजेंदर अब राजनीतिक क्षेत्र में भाजपा के मौजूदा सांसद रमेश बिधूड़ी और आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा से मुकाबला करेंगे. 2017 में, दिल्ली में पीडब्ल्यूडी चैंबर ऑफ कामर्स द्वारा आयोजित समारोह में, विजेंदर और राहुल गांधी के बीच कुछ रोचक बातचीत हुई थी. श्रोताओं के बीच बैठे विजेंदर ने राहुल से कुछ सवाल किए थे, जिसका राहुल ने रोचक जवाब दिया था.

पेशेवर मुक्के बाज ने राहुल से पूछा था कि अधिकतर राजनेता खेल समारोहों का उद्घाटन करते देखे जाते हैं, लेकिन वह बमुश्किल ही किसी खेल को खेलते देखे जाते हैं. राहुल ने जवाब में कहा था कि वह अत्याधुनिक जापानी मार्शल आर्ट आईकिडो का अभ्यास करते हैं और रोजाना तैराकी भी करते हैं. विजेंदर ने तब राहुल को युवाओं को प्रेरणा देने के लिए उनके खेल गतिविधि के वीडियो पोस्ट करने की सलाह दी थी.

दूसरा सवाल इससे भी ज्यादा रोचक था. बॉक्सर ने उनसे पूछा था कि क्या वह जल्द ही विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं या फिर प्रधानमंत्री बनने के बाद ही शादी करेंगे? इसपर कांग्रेस नेता ने सवाल पर टाल-मटोल करते हुए कहा था कि ‘जब समय आएगा, तब यह हो जाएगा.’ विजेंदर ने तब कहा था, “सभी इसका इंतजार कर रहे हैं.”

कोच ने कहा, “राहुल गांधी ने खुद एक प्रतिष्ठित बॉक्सिंग कोच ओम प्रकाश भारद्वाज से कई महीनों तक बॉक्सिंग सीखी है. राहुल ने व्यस्त राजनीतिक जिंदगी में खुद को शारीरिक रूप से और मानसिक रूप से फिट रहने के उद्देश्य से भारद्वाज से दो माह तक बॉक्सिंग की तकनीक सीखी थी.”

कोच ने भारद्वाज के हवाले से कहा, “शुरुआत में, मैं खुद ही आश्चर्यचकित हो गया कि वह क्यों बॉक्सिंग सीखना चाहते हैं, क्योंकि मैं निश्चिंत था कि वह रिंग में उतरने नहीं जा रहे हैं. लेकिन बाद में मैंने महसूस किया कि वह आत्मरक्षा के लिए कुछ जानकारी लेना चाहते हैं.”