नई दिल्ली: 17वीं लोकसभा चुनाव के लिए बिगुल बज चुका है. 11 अप्रैल से 19 मई के बीच 7 चरणों में 90 करोड़ मतदाता अगली सरकार चुनेंगे. 70 दिन बाद पता चलेगा कि किसका टाइम आएगा. राजनीतिक पार्टियां चुनाव की तैयारी में जोरशोर से जुटी हुई हैं. पार्टियां दावा कर रही हैं कि वे चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि ये चुनाव गठबंधन का चुनाव है. इस मंत्र को बीजेपी ने सबसे पहले समझा, इसलिए वह कांग्रेस की तुलना में अन्य पार्टियों से गठबंधन करने में आगे निकल गई. आज की तारीख में बीजेपी ज्यादातर बड़े राज्यों में गठबंधन कर चुकी है.सीटों का बंटवारा हो चुका है वहीं कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियां सीटों के बंटवारे को लेकर उलझी हुई हैं. आज की तारीख में बीजेपी का पलड़ा भारी है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी अब तक 29 पार्टियों से गठबंधन कर चुकी है.

बड़े राज्यों में क्या है गठबंधन की स्थिति

उत्तर प्रदेश- सपा-बसपा और आरएलडी का गठबंधन भारी
उत्तर प्रदेश में बीजेपी अपने सहयोगी दलों अपना दल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को मनाने में कामयाब रही है. तीनों पार्टियां साथ चुनाव मैदान में उतरेंगी. एनडीए ने 2014 के लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 73 सीटें जीती थीं. वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में मात्र दो सीटें जीतने वाली कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ रही है. यूपी में तीसरा मोर्चा आरएलडी, सपा और बसपा गठबंधन का है. तीनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. यूपी के त्रिकोणीय मुकाबले में गठबंधन की वजह से सपा-बसपा और आरएलडी का पलड़ा भारी दिख रहा है. सपा-बसपा और आरएलडी के साथ आने से यहां एनडीए की स्थिति कमजोर हुई है.

महाराष्ट्र- एनडीए मजबूत स्थिति में
लोकसभा सीटों के लिहाज से दूसरे सबसे बड़े राज्य महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी गठबंधन में चुनाव लड़ रही हैं. बीजेपी जहां 25 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, वहीं उसने शिवसेना के लिए 23 सीटें छोड़ी हैं. कौन सी पार्टी किस सीट से चुनाव लड़ेगी यह क्लीयर है. दोनों पार्टियां आगे की रणनीति बनाने में जुटी हुई हैं. वहीं दूसरी ओर एनसीपी, कांग्रेस और अन्य छोटे दल भी गठंबधन में चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन अभी कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी इसका कोई आधिकारिक एलान नहीं हो पाया है. चुनाव की तैयारियों को लेकर यहां एनडीए का धड़ा यूपीए से आगे दिख रहा है.

पश्चिम बंगाल- सभी पार्टियों का हाल एकला चलो रे
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने 23 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. मोदी लहर में भी बीजेपी यहां मात्र 2 सीटें जीत पाई थी. यहां मुकाबला त्रिकोणीय है. 2014 के लोकसभा चुनाव में 34 सीटें जीतने वाली टीएमसी तैयारी के मामले में अन्य पार्टियों से आगे दिख रही है. उसने सभी 42 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. इनमें से 40 प्रतिशत सीटों पर टीएमसी ने महिला उम्मीदवारों को उतारा है. हालांकि कांग्रेस और लेफ्ट में गठबंधन की बात हो रही है लेकिन अब तक कोई आधिकारिक एलान नहीं हो पाया है. अगर कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां साथ आती हैं तो मुकाबला त्रिकोणीय हो जाएगा. बीजेपी, कांग्रेस और लेफ्ट की लड़ाई ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी से है.

बिहार-एनडीए का पलड़ा भारी
लोकसभा चुनाव की घोषणा से बहुत पहले ही यहां एनडीए के बीच सीटों का बंटवारा हो चुका है. बीजेपी और जेडीयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी वहीं एलजेपी 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बीजेपी के लिए यहां गठबंधन कितना जरूरी है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीजेपी ने सहयोगी दलों के लिए अपनी जीती हुईं सीटें भी छोड़ दी. तैयारी के मामले में यहां एनडीए आगे है. दूसरी ओर आरजेडी, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी, हिन्दुस्तान अवाम मोर्चा, विकासशील इंसान पार्टी और अन्य पार्टियां गठबंधन में चुनाव लड़ रही हैं लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर आपस में खींचतान जारी है. गठबंधन का स्वरूप क्या होगा, कौन सी पार्टी किस सीट से चुनाव लड़ेगी ये तय नहीं हो पाया है.

तमिलनाडु-यूपीए मजबूत स्थिति में
तमिलनाडु में मुकाबला एनडीए वर्सेस यूपीए है. बीजेपी ने एआईडीएमके के साथ गठबंधन किया है. वह 5 सीटों पर चुनाव लड़ेगी वहीं पीएमके 7 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि एआईडीएमके कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी. दूसरी और यूपीए के खेमे में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, बाकी की 20 सीट (पुडुचेरी की एक सीट) सहयोगियों को आवंटित की गई है. कांग्रेस को तमिलनाडु में नौ और पुडुचेरी में एक सीट, एमडीएमके को एक लोकसभा सीट व एक राज्यसभा सीट, माकपा, भाकपा, वीसीके (प्रत्येक लोकसभा की एक सीट पर) और आईयूएमएल, आईजेके व केडीएमके को लोकसभा की एक-एक सीट दी गई है. तमिलनाडु में यूपीए मजबूत स्थिति में दिख रहा है.

इन राज्यों में क्या है हाल
कर्नाटक की 28 सीटों के लिए कांग्रेस और जेडीएस मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. बीजेपी यहां अकेले चुनाव लड़ेगी. पंबाज में कांग्रेस के खिलाफ अकाली दल और बीजेपी मिलकर चुनाव लड़ रही है. बीजेपी दो और अकाली दल 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. असम की 14 सीटों पर कांग्रेस के खिलाफ असम गण परिषद, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और बीजेपी एकसाथ चुनाव लड़ रही हैं. झारखंड की 14 सीटों पर बीजेपी के खिलाफ यूपीए चुनाव मैदान में है. मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सीधी लड़ाई कांग्रेस और बीजेपी के बीच है.