नई दिल्ली. सोशल मीडिया पर फेक न्यूज का प्रसार या विभिन्न पोस्ट्स के जरिए भ्रम फैलाने वाली खबरों को रोकने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है. इस क्रम में बीते सोमवार को माइक्रोब्लॉगिंग साइट टि्वटर के साथ संसदीय समिति की बैठक हुई थी, जिसमें कंपनी को साफ तौर पर कहा गया था कि लोकसभा चुनाव के दौरान ऐसी खबरें अगर टि्वटर के जरिए फैलती हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. संसदीय समिति के इस निर्देश के बाद टि्वटर ने इस संबंध में कवायद शुरू कर दी है. सोशल मीडिया कंपनी टि्वटर ने मंगलवार को कहा कि वह भारतीय चुनाव आयोग के साथ ‘मिलकर’ काम कर रही है. इसके लिए उसने कई कदम उठाए हैं.

टि्वटर ने कहा है कि आगामी आम चुनावों को देखते हुए अपने मंच पर ईमानदारी और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए वह चौतरफा निगरानी रखने वाली टीमों का गठन कर रहा है. सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के साथ बैठक के एक दिन बाद कंपनी में लोकनीति के वैश्विक प्रभारी उपाध्यक्ष कॉलिन क्रोवेल ने कहा कि वह हर क्षेत्र के जानकार लोगों की प्रतिबद्ध निगरानी टीमों का गठन कर रही है जो सोशल मीडिया मंच पर ईमानदारी को बनाए रखने और किसी भी तरह के हस्तक्षेप से निबटने के लिए तैयार होंगी.

संसदीय समिति ने टि्वटर से कहा- लोकसभा चुनाव में विदेशी दखल बर्दाश्त नहीं

क्रोवेल ने कहा, ‘‘टि्वटर भारत के लिए महत्वपूर्ण है और यह चुनाव हमारी शीर्ष प्राथमिकता है. यह बैठक मौलिक और सम्मानीय रही. तो कल मैंने समिति से जो बातें कहीं, वह गंभीरता से कही गईं और चुनाव की तैयारियों के लिए हम विभिन्न तरह के कदम उठा रहे हैं.’’ टि्वटर अपने मंच पर राजनैतिक तौर पर पक्षपाती होने के आरोपों का सामना कर रहा है. संसदीय समिति ने कंपनी से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आगामी चुनावों पर किसी तरह का बाहरी प्रभाव ना पड़े.

(इनपुट – एजेंसी)