उदयपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपनी चुनावी मुहिम में देश की रक्षा को बड़ा मुद्दा बताया है. उन्‍होंने सोमवार को कहा कि एनडीए सरकार ने दिखाया है कि देश में एक ईमानदार सरकार चलाना संभव है. मोदी ने कहा कि ‘राष्ट्र रक्षा’ इस लोकसभा चुनाव का बड़ा मुद्दा है. मोदी ने कहा, कांग्रेस व उसके महामिलावटी ऐसे लोग हैं जो हमारे सपूतों के शौर्य का सबूत मांग रहे हैं. ”आप मुझे बताइए आप अपने सपूत पे भरोसा करोगे या सबूत मांगने वालों पर भरोसा करोगे.”

मोदी ने राजस्थान के मेवाड़ इलाके में स्थित उदयपुर शहर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सीमापार आतंकवादी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना के हवाई हमलों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने के लिए कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों की आलोचना की.

जनता ने ऐसा सबूत दिया कि उनके मुंह पर ताले लग गए
मोदी ने कहा, पहले दो चरण के बाद जनता ने ऐसा सबूत दे दिया कि उनके मुंह पर ताले लग गए. अब सबूत मांगना बंद कर दिया. एयर स्ट्राइक पर बोलना बंद कर दिया. मैं उन्हें चुनौती देता हूं ..दम हो तो आईए. जनसभाओं में जाकर सेना के पराक्रम की जो बात मैं करता हूं, उसको चुनौती देकर अपनी बात बताइए. इन नामदारों को जनता ने सबूत दे दिया है. अगले पांच चरणों में भी देश के लोग देश के वीर जवानों पर उठाए गए हर सवाल का जवाब चुन चुन कर देने वाले हैं.

किसी को छेड़ते नहीं है, लेकिन किसी ने छेड़ा तो उसे छोड़ते नहीं
मोदी ने कहा कि हम उस परंपरा के हैं जो किसी को छेड़ते नहीं है, लेकिन किसी ने छेड़ा तो उसे छोड़ते नहीं हैं. यहां के महाराणा प्रताप केंद्र की अपनी एक यात्रा का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, इस केंद्र में बहुत विस्तार से बताया गया है कि वह व उनके सेनानायक कैसे दुश्मनों पर सर्जिकल स्ट्राइक करते थे. हम उस परंपरा हैं जो किसी को छेड़ते नहीं हैं लेकिन किसी ने छेड़ा तो उसे छोड़ते नहीं हैं. मेवाड़ के बारे में तो मशहूर है कि घास की रोटी खा सकते हैं, लेकिन आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकते.

वे कहते हैं कि मोदी को राष्ट्रवाद- आतंकवाद की बात नहीं करना चाहिए
मोदी ने कहा कि लोकसभा के इस चुनाव में राष्ट्र रक्षा बड़ा मुद्दा है. उन्होंने कहा, कांग्रेस व उसके महामिलावटी, ये कहते हैं कि मोदी को राष्ट्रवाद की, राष्ट्रीय सुरक्षा की, आतंकवाद की बात इन चुनाव में नहीं करनी चाहिए. इनकी बातों में आ जाने वाला कोई और हो सकता है, मोदी नहीं.

‘आतंकवाद पर मोदी प्रहार कर रहा है ठीक है ना, खुश हैं ना आप लोग
मोदी ने कहा, ”आतंकवाद पर मोदी प्रहार कर रहा है ठीक है ना, खुश हैं ना आप लोग. घर में घुसकर मारता है. देश की रक्षा कैसे होगी, इस पर इस चुनाव में और हर चुनाव में बात होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए. क्या यह उदयपुर म्युनिसिपैलिटी का चुनाव है? ये लोकसभा के चुनाव के अहम मुद्दों में राष्ट्रीय सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा है. उदयपुर के चुनाव में कोई राष्ट्र रक्षा की बात नहीं करे तो समझ में आता है लेकिन इनकी सोच ही इतनी छोटी है कि इनको इतने बड़े देश का इश्यू समझ में नहीं आता है. 60 साल वहां रहने के बाद उनको पता नहीं कि देश के मुद्दे क्या होते हैं.

इक्कीसवीं सदी का भाग्य निर्धारण करने वाली है
मोदी ने इस लोकसभा चुनाव में पहली बार मतदान करने वाली युवा पीढ़ी का विशेष रूप से जिक्र किया. उन्होंने कहा, इस शताब्दी का भाग्य इन पांच वर्षों में देश की जो मजबूत सरकार बनेगी वह इक्कीसवीं सदी का भाग्य निर्धारण करने वाली है. इसलिए इक्कीसवीं सदी में पैदा हुए, पहली बार लोकसभा चुनाव में मतदान करने जा रहे बेटे बेटियों को मैं शुभकामनाएं देता हूं और भारत के भाग्य विधाता के रूप में आपके प्रवेश का मैं देश के प्रधान सेवक के नाते स्वागत करता हूं.

इस देश में एक ईमानदार सरकार चलाना भी संभव
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में ईमानदारी की नयी रीति स्थापित हो रही है और भाजपा ने दिखा दिया है कि इस देश में एक ईमानदार सरकार चलाना संभव है. उन्होंने कहा, आप सभी के सहयोग से भाजपा, राजग ने यह दिखा दिया है कि इस देश में एक ईमानदार सरकार चलाना भी संभव है.

कोई धनवान बैंकों का मारकर चैन से नहीं सो पाएगा
मोदी ने कहा, ”आपके सहयोग से पूरे देश में अब ईमानदारी की एक नई रीति स्थापित हो रही है. अगर अब कोई धनवान बैंकों का पैसा वापस नहीं करता है तो वह चैन की नींद नहीं सो पायेगा. अब अगर कोई देश से भागने की कोशिश करता है तो उसके लिए भागना मुश्किल होगा और अब अगर वह भागकर विदेश गया है तो उसको या तो वापस आना पड़ेगा या फिर नामदारों के मिशेल मामा की तरह उसको उठा कर लाया जाएगा.”

करोड़ों-अरबों हड़पने वालों को सजा दी है, संपत्ति जब्त कर ली
पीएम ने कहा, यह हमारी सरकार है, जिसने बैंकों का करोड़ों-अरबों (रुपए) हड़प कर जाने वालों को सजा दी है, उनकी संपत्ति जब्त कर ली है. ईमानदार करदाताओं को सम्मान दिया है. मोदी ने कहा, पहले की सरकार अपने करीबियों को, अपने अरबपति दोस्तों को बैंकों पर दबाव डालकर फोन बैंकिग की पंरपरा से कर्ज दिलवाती थी, हम मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी गरीब से गरीब को, अपने आदिवासी भाईयों-बहनों को बिना गारंटी आज हम कर्ज दे रहे हैं.