लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 12 मार्च को खत्म हो रही हैं. इसके बाद 17 मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू होगा. ऐसे में बोर्ड ने मूल्यांकन कार्य की तैयारी शुरू कर दी है. पहली बार मूल्यांकन कार्य सीसीटीवी की निगरानी में किया. इसके लिए बोर्ड ने मूल्यांकन केंद्रों की सूची के साथ सीसीटीवी लगाने के आदेश भी जारी कर दिए हैं. बोर्ड इस बात 20 टॉपर्स की कॉपियां भी सार्वजनिक करने की तैयारी में है.Also Read - UP Government New Scheme: अब सीधे अभिभावकों के खाते में पैसे भेजेगी यूपी सरकार, जानिए क्या है छात्रों के लिए नई स्कीम

17 मार्च से शुरू होगा मूल्यांकन
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि मूल्यांकन कार्य 17 मार्च से शुरू होने के लिए जरूरी कदम उठाया जा रहे हैं. ऐसे में परीक्षा परिणाम भी जल्द आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी, साथ ही सभी मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी के जरिए कार्य में पारदर्शिता बरती जाएगी. कहा कि इस साल बोर्ड कक्षा दस और 12 से प्रत्येक के 20 टॉपर्स की जवाब प्रतियां भी सार्वजनिक करेगा. उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में यूपी बोर्ड के छात्रों की 5.5 करोड़ वर्ग दस और 12 वीं से अधिक की प्रतियां का मूल्यांकन 17 मार्च से 247 केंद्रों में किया जाएगा. करीब 1.4 लाख शिक्षकों को इस कार्य के लिए लगाया जाएगा. Also Read - Free Ration Without Ration Card: अब राशन कार्ड नहीं होने पर भी मुफ्त में मिलेगा अनाज, जानें - क्या है पूरी प्रक्रिया?

यूपी सरकार ने नकल रोकने के लिए उठाए कदम
प्रदेश की बीजेपी सरकार ने इस साल यूपी बोर्ड की परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल को रोकने के लिए कई उपाय किए. सीसीटीवी कैमरों के साथ सभी केंद्रों में परीक्षा कराई गई. साथ ही बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी को रोकने के लिए जरूरी कदम भी उठाए गए. वहीं परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद नकल माफियाओं में हड़कंप मचा रहा. इस बार सरकार ने साफ कहा था कि जिस भी केंद्र पर सामूहिक नकल करते पाया जाएगा, वहां के प्रधानाचार्य और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा. Also Read - Godown and Cold Storage in UP: पैक्स के जरिए यूपी में गोदाम व कोल्ड स्टोरेज का बिछेगा जाल