लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ के एक स्कूल में छात्रा के हमले का शिकार हुए छह वर्षीय छात्र को देखने ट्रामा सेंटर पहुंचे और उसका कुशलक्षेम पूछा. योगी दोपहर बाद किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर पहुंचे और घायल बच्चे का कुशलक्षेम पूछा. इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों को जख्मी छात्र के उचित इलाज की हिदायत भी दी. 

लखनऊः स्कूल में घटी गुरुग्राम जैसी घटना, बच्चे को बाथरूम में ले जाकर 'दीदी' ने मारा चाकू

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री को मामले की जांच की प्रगति के बारे में जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि छह वर्षीय रितिक की हालत खतरे से बाहर है. मालूम हो कि राजधानी के अलीगंज थाना क्षेत्र में त्रिवेणी नगर स्थित ब्राइटलैंड स्कूल के शौचालय में मंगलवार सुबह पहली कक्षा के छात्र ऋतिक पर शौचालय में किसी धारदार चीज से कथित रूप से हमला किया गया था. एक छात्रा पर इस वारदात को अंजाम देने का आरोप लग रहा है. Also Read - हाथरस कांड: योगी बोले- यूपी में महिलाओं के प्रति अपराधों में उल्लेखनीय कमी, दंगा करवाना चाहता है विपक्ष

बहरहाल, पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है. ऋतिक के पिता राजेश के मुताबिक उन्हें स्कूल द्वारा सूचित किया गया कि बेटा घायल है. उस पर किसी लड़की ने चाकू से हमला किया है. इस घटना ने पिछले साल गुरुग्राम के एक स्कूल में शौचालय में ही एक छात्र की हत्या की याद ताजा करा दी. उस वारदात में भी एक छात्र पर ही हत्या का आरोप लगा है.

इस बीच, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिये बच्चों की काउंसिलिंग की आवश्यकता है. हमें बेसिक शिक्षा में काउंसलिंग को और अधिक शामिल करना होगा. उन्होंने कहा कि अभिभावक तथा अध्यापक समन्वय को और मजबूत करना होगा. काउंसलिंग को शिक्षा के पाठ्यक्रम में कैसे लाना है, इस पर अध्ययन हो रहा है. ब्राइटलैंड स्कूल के मामले में सरकार ने कानूनी कार्रवाई की. साथ ही पीड़ित छात्र को जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है.

घायल छात्र के फोटो सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर वायरल होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने कल स्कूल को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा कि क्यों न उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. सिंह ने बताया कि स्कूल ने हमारे कार्यालय को इस घटना की जानकारी नहीं दी. इसी का स्पष्टीकरण मांगा गया है.