बालाघाट (मध्य प्रदेश): छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के लगभग 100 नक्सली अपने आधार का विस्तार करने के लिए पिछले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में घुस आए हैं. इन नक्सलियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों की छह कंपनियों की तैनाती की मांग की है. मध्य प्रदेश के एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी है. Also Read - MP Police Constable Recruitment 2021: एमपी पुलिस में 10वीं पास के लिए कांस्टेबल के पदों पर निकली बंपर वैकेंसी, आज से आवेदन शुरू, जल्द करें अप्लाई

अधिकारी ने कहा कि इन सुरक्षा बलों को जल्द ही मध्य प्रदेश के बालाघाट और आदिवासी बहुल मंडला जिलों में तैनात किए जाने की संभावना है, जहां ये नक्सली घुसे हैं. अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारे सूत्रों द्वारा हमें दी गई जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के करीब 100 नक्सली पिछले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश में घुस आये हैं, ताकि इस क्षेत्र में वे अपना आधार बढ़ा सके.’’ उन्होंने बताया कि ये नक्सली बालाघाट जिले में महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ की सीमाओं से घुसे हैं. बालाघाट एवं मंडला जिले एक दूसरे से सटे हुए हैं और इनकी लंबी सीमा है. Also Read - देश में साल 2018 से लेकर 2020 तक मारे गए 460 नक्सली, 161 सुरक्षाकर्मी हुए शहीद

अधिकारी ने बताया कि बालाघाट और मंडला जिले में नक्सलियों के छह समूह सक्रिय हैं. इनमें से मंडला में खटिया मोचा दलम पिछले साल आया था. मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पिछले महीने बालाघाट के दौरे के दौरान संवाददाताओं से कहा था कि नक्सलवाद से निपटने के लिए अर्धसैनिक बलों की और छह कंपनियां नक्सल प्रभावित बालाघाट और मंडला में तैनात की जा रही हैं. Also Read - Sarkari Naukri: MP Police Constable Recruitment 2020: मध्य प्रदेश पुलिस में 4 हजार कांस्टेबल के पदों पर निकली वैकेंसी, इस दिन से कर सकते हैं आवेदन, जानें डिटेल

अधिकारी ने कहा कि नक्सलियों से लोहा लेने के लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षित मध्यप्रदेश पुलिस की हॉक फोर्स पहले से ही बालाघाट में तैनात है. इसके अलावा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक बटालियन भी वहां तैनात है. पुलिस ने बताया कि पड़ोसी राज्यों से मध्य प्रदेश में नक्सली घुस आए हैं. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नवंबर और दिसंबर 2020 में बालाघाट जिले में तीन महिला माओवादी पुलिस के साथ तीन अलग-अलग मुठभेड़ों में मारी गईं. इनमें से दो छत्तीसगढ़ की रहने वाली थी, जबकि एक महाराष्ट्र की थी.

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से बालाघाट में घुसे एक नक्सली को पिछले साल सितंबर में पुलिस ने पकड़ा भी था. पुलिस ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से रहने वाली नक्सली शारदा (25) पर पुलिस ने कुल आठ लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. इसमें से मध्यप्रदेश ने तीन लाख रुपए और छत्तीसगढ़ पुलिस ने पांच लाख रुपए का इनाम रखा था. उसे पिछले साल छह नवंबर को मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था.

उन्होंने कहा कि इसी तरह छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के गंगलूर से आई नक्सली सावित्री उर्फ अयोठे (24) और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की नक्सली शोभा (30) को पिछले महीने 11-12 दिसंबर की रात को बालाघाट जिले में पुलिस मुठभेड़ों में मार गिराया गया. इन दोनों पर पुलिस ने 14-14 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.

पुलिस ने कहा कि इसके अलावा, बालाघाट पुलिस ने पिछले साल सितंबर में छत्तीसगढ़ के खूंखार नक्सली बादल सिंह मरकाम को पड़ोसी राज्यों से बालाघाट में घुसने के बाद पकड़ा था. बालाघाट की सीमा छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से लगी है.