MP News: मध्य प्रदेश के विदिशा में गंज बसोदा के सेंट जोसेफ स्कूल में सोमवार को सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा चल रही थी और बाहर बवाल मचा था जिसमें कुछ हिंदू संगठनों के सदस्य भी शामिल थे, स्कूल में तोड़फोड़ कर रहे थे. उनका कहना था कि स्कूल में छात्रों का धर्म परिवर्तन किया जा रहा है. बता दें कि घटना के वक्त छात्र 12वीं की सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा दे रहे थे और दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ता बाहर हंगामा और तोड़फोड़ कर रहे थे. स्कूल ने धर्मांतरण के आरोप से साफ इंकार किया है.Also Read - कांग्रेस नेता Digvijaya Singh कोरोना वायरस से संक्रमित, खुद ट्वीट कर दी जानकारी

इस मामले पर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDPO) भारत भूषण शर्मा ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 48 किलोमीटर दूर गंजबासौदा में सेंट जोसेफ स्कूल के परिसर में हंगामा की घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा फैलाने से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है. SDPO भारत भूषण शर्मा ने बताया कि घटना में स्कूल की संपत्ति को भी काफी नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी. Also Read - Viral Video: प्रिंसिपल और असिस्टेंट प्रोफेसर के बीच अचानक शुरु हो गई हाथापाई, खूब चले घूंसे - देखें वीडियो

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स्कूल में धर्मांतरण के नाम पर किया गया पथराव

घटना के बारे में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हंगामा के दौरान स्कूल भवन पर जमकर पथराव भी किया गया. वहीं इस मामले में विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी नीकेश अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा है. अग्रवाल ने कहा, ”हमारा कथित हंगामे से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि स्थानीय प्रशासन को सूचित करने के बाद हमारा विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण था.

उन्होंने कहा कि इस स्कूल में धर्मांतरण के खिलाफ पिछले एक सप्ताह से कई संगठन विरोध कर रहे हैं और इसकी जांच की मांग कर रहे हैं. पता चला है कि दूसरे राज्यों से लाए गए गरीब छात्रों का कथित तौर पर धर्मांतरण किया जा रहा है.”

लगाया आरोप-आठ छात्रों का जबरन किया गया है धर्मांतरण

स्थानीय प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जागरण मंच व अन्य संगठनों ने स्कूल प्रबंधन पर आठ छात्रों का ईसाई धर्म में परिवर्तन करने का आरोप लगाया है. इस ज्ञापन में इन संगठनों ने स्कूल और उसके चर्च पर विदेशों से पैसे लेने, छात्रों को तिलक नहीं लगाने और कलावा (कलाई में हिंदुओं द्वारा पहना जाने वाला पवित्र धागा) नहीं बांधने के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगाया है. साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि छात्रों को ईसाई धर्म की प्रार्थना करने के लिए मजबूर किया जा रहा है.