नई दिल्ली: देश के पायलटों में ड्यूटों के दौरान शराब पीने के मामले बढ़ गए हैं. बता दें कि कई मामलों में इसको लेकर पायलटों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है. नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा के मुताबिक पिछले चार साल में 181 पायलटों की अल्कोहल की जांच सकारात्मक पाई गई है.

नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने गुरुवार को बताया कि 2015-2018 के दौरान 181 पायलटों की अल्कोहल की जांच सकारात्मक पाई गई. लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 2015 में 43 पायलटों की जांच सकारात्मक पाई गई तो 2016 में यह संख्या 44 रही. मंत्री ने बताया कि 2017 में 45 और 2018 (नवंबर तक) 49 पायलटों की अल्कोहल की जांच सकारात्मक पाई गई.

जापान एयरलाइंस ने पायलटों के लिए अल्कोहल नियम सख्त किए
लंदन के हीथ्रो हवाईअड्डे पर शराब के नशे में अपने एक पायलट के गिरफ्तार होने के बाद जापान एयरलाइंस ने शुक्रवार को घोषणा की है कि विदेशी हवाईअड्डों पर वह एक नया ब्रेथलाइजर (श्वासपरीक्षक यंत्र) पेश करेगा. जापान एयरलाइंस ने एक बयान में कहा, “कंपनी इस उल्लंघन को गंभीरता से लेती, क्योंकि सुरक्षा हमारी प्रमुख प्राथमिकता है और कर्मचारी के व्यवहार के कारण प्रभावित हुए लोगों से तहे दिल से माफी मांगती है.”

पायलट के नशे में होने पर 12 उड़ानों में हुई देरी
बीबीसी के मुताबिक, कत्सुतोशी जित्सुकावा को पिछले महीने तब गिरफ्तार किया गया था, जब एक परीक्षण में पाया गया कि उसने कानूनी रूप से तय सीमा से 9 गुना ज्यादा शराब पी रखी थी. यह नया कदम इसलिए भी उठाया गया है, क्योंकि जापान एयरलाइंस की करीब 12 उड़ानों में पायलटों के नशे में होने की वजह से देरी हुई थी.

जापान एयरलाइंस के पायलट कंपनी के अल्कोहल टेस्ट में असफल
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि अगस्त 2017 से अब तक ऐसे 19 मामले सामने आए हैं, जहां जापान एयरलाइंस के पायलट कंपनी के अल्कोहल टेस्ट में असफल रहे थे. जापान पायलटों के लिए शराब के सेवन को लकेर कोई सीमा निर्धारित नहीं करता, बल्कि यह जिम्मेदारी एयरलाइन कंपनियों की है कि वे ड्यूटी पर तैनात पायलटों के लिए शराब सेवन की मात्रा निर्धारित करे. प्रवक्ता ने कहा कि नई प्रणाली हीथ्रो और जापान के घरेलू हवाईअड्डों पर पहले ही अमल में लाई जा चुकी है. वे अन्य हवाईअड्डों पर रविवार से इसे शुरू करेंगे.