मुरैना (मध्यप्रदेश). मुरैना जिले की बहरार जागीर पंचायत के शादीशुदा सरपंच जगन्नाथ मावई (51) को 12 वर्षीय लड़की से शादी की कोशिश करने के आरोप में पद से बर्खास्त कर दिया गया है. मावई ने 11 दिसम्बर को इस नाबालिग से शादी का दिन तय किया था. Also Read - Pakistan Unique Marriage: 62 साल के सांसद ने की 14 साल की बच्ची से शादी, पिता ने कही ये बात....

जगन्नाथ मवाई शादी होने के बाद दुल्हन को हेलीकॉप्टर से अपने घर लाना चाहता था. इसके लिए उसने एक हेलिकॉप्टर भी बुक कर रखा था और मुरैना जिले के कलेक्टर से दुल्हन को हेलीकॉप्टर से लाने के लिये अनुमति प्राप्त भी कर ली थी. उसने अपने गांव में हेलीपैड भी बनावा लिया था. लेकिन इसी बीच एक ग्रामीण ने कलेक्टर से शिकायत की कि सरपंच मावई नाबालिग लड़की से शादी कर रहा है. इसके बाद कलेक्टर ने तुरंत मामले की जांच करवाई और शिकायत सही पाये जाने पर इस शादी को होने से रूकवाया. Also Read - नाबालिग लड़की ने किया छेड़छाड़ का विरोध, तो गुस्साए युवक ने काट दी गर्दन

मुरैना कलेक्टर भास्कर लाक्ष्यकार ने गुरुवार को बताया, ‘सरपंच जगन्नाथ मावई को 12 साल की लड़की से शादी करने के कोशिश के आरोप में पद से 3 दिन पहले बर्खास्त कर दिया गया है. उसे पंचायती राज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत हटाया गया है.’ उन्होंने कहा कि आरोपी सरपंच ने खेरा हुसैनपुर और अपने गांव बहरारा में 11 तारीख को हेलिकॉप्टर उतारने की अनुमति मुझसे मांगी थी, जो मैंने उसे दे भी दी थी. लेकिन जब एक ग्रामीण ने मुझसे शिकायत की कि सरपंच एक नाबालिग लड़की से शादी कर रहा है, तो मैंने इसकी जांच तहसीलदार से करवाई. Also Read - पिता की डांट सुनकर घर से निकली 11 साल की बेटी, फिर कुएं में मिला शव, पुलिस जांच में यह बात आई सामने

भास्कर लाक्ष्यकार ने बताया कि जांच में पाया गया कि सरपंच जिस लड़की से 11 दिसंबर को शादी करने वाला है, उस लड़की की उम्र 12 साल है. इसके बाद मैंने सरपंच को हेलीकॉप्टर उतारने की दी गई अनुमित तत्काल निरस्त करने के साथ-साथ इस शादी को रूकवाने के आदेश भी दिये, जिसके बाद शादी रूकवाई गई. उन्होंने कहा कि लड़की के दाखिला रजिस्टर के मुताबिक वह 12 साल की है. उसने वर्ष 2010 में कक्षा 1 में दाखिला लिया था. स्कूल के दस्तावेज के अनुसार उसका जन्म वर्ष 2005 में हुआ था.

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सोनिया मीणा ने बताया कि सरपंच जगन्नाथ मावई के विरुद्ध हिन्दू विवाह एवं बाल विवाह अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई और जांच के बाद दोषी पाये जाने पर सरपंच पद से हटाने का आदेश जारी किया गया. मीणा ने कहा कि आदेश में उसे आगामी 6 वर्ष के लिये चुनाव लड़ने के लिये भी प्रतिबंधित किया है . उन्होंने कहा कि सरपंच जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा एक नाबालिग लड़की से शादी का प्रयास करना गंभीर मामला था.